जयपुर।

1993 से लेकर अब तक राजस्थान में छठी सरकार बनने जा रही है। जिनमें से तीसरी सरकार कांग्रेस पार्टी की है, लेकिन मजेदार बात यह है कि बीते 3 चुनाव में कांग्रेस पार्टी 2 बार पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर पाई है।

कांग्रेस पार्टी को राजस्थान में आखरी बार 1998 में 153 सीटों पर जीत हासिल कर पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। उसके बाद पार्टी को ऐसी नजर लगी कि आज तक कांग्रेस पार्टी 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पा रही है।

कांग्रेस पार्टी को 2003 में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और पार्टी 153 से सीधे 56 सीटों पर आ कर रह गई। 2008 में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर सत्ता के करीब जाकर केवल 96 सीटें हासिल कर पाई।

2003 में कांग्रेस पार्टी को राजस्थान के इतिहास में सबसे बुरी हार देखनी पड़ी, पार्टी के केवल 21 विधायक विधानसभा तक पहुंच पाए। 5 साल बाद, यानी 2018 में विधानसभा चुनाव परिणाम कांग्रेस पार्टी के लिए एक बार फिर से टेढ़ी खीर साबित हुआ।

पार्टी 100 का आंकड़ा नहीं छु पाई। इस बार भी एक सीट कम, यानी 99 विधायकों को जिताकर पार्टी को शतक के अंदर ही संतोष करना पड़ा है।

मजेदार बात यह है कि 1998 से लेकर अब तक प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अशोक गहलोत ने किया है। इससे पहले 1998 में परसराम मदेरणा के नेतृत्व में पार्टी ने 153 सीटों पर जीत हासिल की थी।

उल्लेखनीय बात यह भी है कि 1993 से लेकर अब तक भारतीय जनता पार्टी कभी 70 सीटों से नीचे नहीं पहुंच पाई है। 2003 से लेकर 2013 तक वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है।