big mp sonaram choudhary
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Jaipur/Jodhpur.

कांग्रेस में रहते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के धुर विरोधी रहे भाजपा के जैसलमेर-बाड़मेर सांसद कर्नल सोनाराम (Colonel sonaram) फिर से कांग्रेस की ओर रुख कर सकते हैं।

पांच साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले जैसलमेर-बाड़मेर सांसद कर्नल सोनाराम कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। सांसद कर्नल सोनाराम ने आज सुबह करीब सवा 10 बजे जोधपुर सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की है।

याद दिला दें कि कर्नल सोनाराम जब कांग्रेस में थे, तब उनको अशोक गहलोत का धुर विरोधी माना जाता था। गहलोत को दूसरी बार सीएम बनाने के बाद कर्नल सोनाराम ने पार्टी में बयानबाजी कर बागवत कर दी थी।

कर्नल सोनाराम ने अशोक गहलोत को लेकर खूब बयान दिए, जिसके बाद उनको कांग्रेस ने तकरीबन उनको पार्टी में साइड लाइन कर दिया था। इसके बाद कर्नल सोनाराम ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ऐन पहले भाजपा ज्वाइन कर टिकट लेकर मोदी लहर में जैसलमेर-बाड़मेर संसदीय सीट से जीत दर्ज की थी।

अनौपचारिक नहीं है मुलाकात

कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ आज हुई मुलाकात अनौपचारिक नहीं है। अगले कुछ ही दिनों में लोकसभा के लिए प्रदेश की भी सभी 25 सीटों पर टिकटों की घोषणा होने वाली है।

ऐसे में जैसलमेर-बाड़मेर से कांग्रेस के टिकट पर कर्नल सोनाराम को मैदान में उतारा जा सकता है। बहराहल, आज-कल में इसको लेकर खुलासा होने की उम्मीद है।

सीएम राजे भी हो गई थी नाराजगी

यह भी बता दें कि केंद्रीय मंत्रमंडल विस्तार के दौरान जब सीआर चौधरी को मंत्री बनाया गया, तब कर्नल सोनाराम को भी मंत्री बनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन मोदी सरकार में उनको मौका नहीं मिला। इसके बाद कर्नल सोनाराम की तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे के साथ भी अनबन की खबरें आई थीं।

औपचारिक बात करने की बात

कर्नल सोनाराम ने गहलोत से मुलाकात के बाद सर्किट हाउस से निकलते हुए मीडिया से बातचीत की। सोनाराम ने कहा कि यह केवल औपचारिक मुलाकात है, अभी उनका कांग्रेस में जाने या नहीं जाने का कोई फैसला नहीं हुआ है।

…तो मानवेंद्र सिंह का क्या होगा?

सोनाराम से पहले इस सीट पर बीजेपी के दिग्गज जसवंत सिंह सांसद रहे हैं। उनके बेटे और यहीं से पूर्व सांसद रहे मानवेंद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थामकर झालरापाटन से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। अब उनके बाड़मेर—जैसलमेर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन सोनाराम की संभावित एंट्री होने के बाद समीकरण बदलने की उम्मीद है।

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