worlds most leaders with indian prime minister Narendra Modi
worlds most leaders with indian prime minister Narendra Modi

जयपुर।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी 2014 से भारत के 14वें प्रधानमन्त्री बने। मोदी भारत के प्रधानमन्त्री पद पर पहुंचने होने वाले आजाद भारत में जन्मे पहले नेता हैं। इससे पहले मोदी 7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

मेहसाना जिले की वडनगर तहसील के गुजराती तेली परिवार में जन्मे नरेंद्र मोदी ने बचपन में चाय बेचने में पिता की करते थे। बताया जाता है कि बाद में उन्होंने अपना खुद का स्टाल चलाया। महज 8 साल की उम्र में मोदी आरएसएस से जुड़े गए थे। मोदी ने स्नातक डिग्री के बाद घर छोड़ दिया।

इसके बाद मोदी ने अगले 2 साल तक भारतभर की यात्राएं कीं। इस दौरान उन्होंने देश के कई धार्मिक केंद्रों का इतमिनान से दौरा किया। साल 1970 में मोदी गुजरात लौटे। वह 1971 में आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। वर्ष 1975 में देश में आपातकाल के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए अज्ञात स्थान पर छिपना पड़ा। इसके बाद मोदी 1985 में बीजेपी से जुड़े। साल 2001 तक बीजेपी में मोदी विभिन्न पदों पर रहते हए राष्ट्रीय सचिव के पद पर पहुंचे।

2001 में आया तबाही वाला गुजरात भूकंप भयानक विनाशक साबित हुआ था। उचित प्रबंधन नहीं करने के कारण गुजरात के मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल सार्वजनिक छवि बेहद खराब हो गई और पार्टी को यहां का सीएम बदलना पड़ा। केशुभाई पटेल के हटने पर नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।

सीएम मोदी इसके बाद गुजरात की विधानसभा के लिए चुने गए। किंतु एक साल बाद ही, यानी साल 2002 के गुजरात दंगों में सीएम मोदी के प्रशासन को कठोर माना गया। इस दौरान उनके प्रशासन संचालन की कड़ी आलोचना हुई।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी को भी मोदी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले। लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी नीतियों को आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने का श्रेय दिया जाता है।

उन्हीं के करिश्माई नेतृत्व में प्रमुख विपक्षी पार्टी, यानी भारतीय जनता पार्टी ने साल 2014 का लोकसभा के चुनाव में ऐतिहासिक तौर 282 सीटें जीत अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। सांसद के तौर पर मोदी ने उत्तर प्रदेश बनारस उर्फ वाराणसी और गुजरात के वडोदरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। मोदी दोनों जगह से जीत दर्ज़ करने में कामयाब रहे। मोदी राज में भारत का एफडीआई और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बहुत तेज़ी से बढ़ा। मोदी ने देश की अधिकारी लॉबी में कई सुधार किए। मोदी ने ही योजना आयोग को हटाकर नीति आयोग का गठन किया।

गुजरात के 14वें मुख्यमन्त्री रहे मोदी को उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने 4 बार मर्तबा, यानी 2001 से 2014 तक मुख्यमन्त्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेने वाले अब मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी आज के समय में विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं।। ट्विटर पर मोद के करीब 4.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर हैं। मोदी को बीते चार साल में छवि परिर्तन के कारण ‘नमो’ के नाम से भी जाना जाने लगा है। विश्व की मशहूर टाइम पत्रिका ने मोदी को 2013 में पर्सन ऑफ़ द ईयर के 42 उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजनेता अलावा कवि भी हैं। मोदी गुजराती और हिन्दी में देशप्रेम की कविताएं लिखते हैं। मोदी पूर्णत: शाकाहारी हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरे युद्ध के दौरान उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे स्टेशनों पर सफ़र कर रहे सैनिकों की सेवा की। जवानी में वह छात्र संगठन एबीवीपी में शामिल हुए|

अपने पैरेंट्स की 6 सन्तानों में तीसरे नरेन्द्र मोदी ने बचपन में रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम किया है। गुजरात के वड़नगर के एक स्कूल मास्टर, जिन्होंने उनको बचपन में पढ़ाने का दावा किया है के अनुसार नरेन्द्र मोदी हालांकि एक औसत दर्ज़े के छात्र थे, लेकिन वाद-विवाद और नाटक प्रतियोगिताओं में उनकी खूब रुचि थी।

महज 13 साल की उम्र में नरेन्द्र मोदी की सगाई जसोदा बेन के साथ कर दी गई। जब उनका विवाह हुआ, तब मोदी मात्र 17 वर्ष के थे। पति-पत्नी ने कुछ समय साथ रहकर बिताए। उसके बाद मोदी और जसोदा बेन एक दूसरे के लिये अजनबी हो गये।

जबकि नरेन्द्र मोदी के जीवनी-लेखक ऐसा नहीं मानते। उनका कहना है कि उन दोनों की शादी जरूर हुई थी, लेकिन दोनों एक साथ कभी नहीं रहे। विवाह के कुछ ही बरसों बाद मोदी ने अपना घर त्याग दिया। इसके बाद एक प्रकार से उनका वैवाहिक जीवन लगभग समाप्त-सा ही हो गया।

चार विधान सभा चुनावों में शपथ पत्रों में वैवाहिक स्थिति पर पूरी तरह से खामोश रहने के बाद मोदी ने साल 2014 के चुनाव के वक्त अपने नामांकन पत्र में शादी का जिक्र किया।

मोदी ने कहा कि अविवाहित रहने की जानकारी देकर उन्होंने कोई पाप नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक शादीशुदा के बजाए अविवाहित व्यक्ति देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अच्छे से लड़ सकता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी, परिवार और बाल बच्चों की कोई चिन्ता नहीं रहती।

अप्रैल 2016 में पीएम मोदी को सउदी अरब के उच्चतम नागरिक सम्मान ‘अब्दुल अजीज अल सऊद के आदेश’ से सम्मानित किया। फिर जून 2016 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘अमीर अमानुल्ला खान’ अवॉर्ड से सम्मानित किया।

दो साल बाद सितम्बर 2018 में उनको ‘ चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड ‘ से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान अन्तरराष्ट्रीय सौर उर्जा अनुबंधों के तहत एक ही बार इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक से देश को मुक्त के लिए दिया गया।

फरवरी 2019 में उनको विश्व का नंबर दो माना जाने वाला दक्षिण कोरिया का सियोल शांति पुरस्कार दिया गया। इसके बाद 4 अप्रैल 2019 को संयुक्त अरब अमीरात ने अपने देश का ‘ऑर्डर ऑफ जयेद’ नामक सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पीएम मोदी को दिया है। 12 अप्रैल 2019 को विश्व महाशक्ति रूस ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘सेंट ऐण्ड्रू ऑर्डर’ से सम्मानित किया।

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