नई दिल्ली।

देश में बच्चों के साथ व्यभिचार तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस अवसर पर संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई करने के लिए खुद मामला दर्ज कर राज्य सरकारों हो निर्देश देने का फैसला किया है।

देश में बीते 6 माह के दौरान 24212 बच्चों के साथ रेप दुष्कर्म बलात्कार और उसके साथ हत्या हो जैसे मामले सामने आए हैं।

इनमें से पुलिस के द्वारा केवल 911 मामलों में एफआर लगाई गई है, जोकि कुल प्रकरणों का केवल 4% है।

इस मामले में सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश है, जहां पर 3457 बच्चों के साथ रेप हुआ। उनमें से 115 मामलों में पुलिस के द्वारा एफआर लगाई गई है।

दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है, जहां पर 2389 बच्चों के साथ दुष्कर्म के प्रकरण सामने आए हैं। इन कुल मामलों में से 247 प्रकरणों में निस्तारण की रिपोर्ट सामने आई है।

तीसरे नंबर पर काफी सुरक्षित और शांत कहे जाने वाले राजस्थान को रखा गया है, जहां पर 1 जनवरी 2019 से लेकर 30 जून 2019 तक 1992 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 82 मामलों में पुलिस ने निस्तारित करने का काम किया है।

चौथे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां इन छह माह के दौरान 1940 मुकदमे दर्ज हुए। उनमें से 24 मुकदमों में पुलिस के द्वारा एफआर लगाई गई है।

पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है, जहां पर 1551 बच्चों के साथ रेप की घटनाएं हुई। पुलिस ने यहां 99 मुकदमों में एफआर लगाई है।

इसके बाद स्थान है, जहां पर 1285 बच्चों के साथ दुष्कर्म हुए। जिनमें से 123 प्रकरणों में पुलिस ने एफआर लगाई है।

इसके बाद कर्नाटक का नंबर है, जहां पर 1133 मुकदमे बच्चों के रेप दुष्कर्म और बलात्कार के घटित हुए। उनमें केवल पांच मामलों में निस्तारण का काम किया गया है।

यह है पूरी लिस्ट-

उत्तर प्रदेश 3457

मध्य प्रदेश 2389

राजस्थान 1992

महाराष्ट्र 1940

पश्चिम बंगाल 1551

छत्तीसगढ़ 1285

कर्नाटक 1133

गुजरात 1124

तमिल नाडु 1030

केरला 1012

उड़ीसा 1005

आसाम 904

तेलंगाना 928

बिहार 734

दिल्ली 729

हरियाणा 634

पंजाब 347

मेघालय 171

हिमाचल प्रदेश 101

मिजोरम 69

त्रिपुरा 76

दादरा नगर हवेली 36

जम्मू कश्मीर 50

मणिपुर 53

चंडीगढ़ 29

अरुणाचल प्रदेश 32

सिक्किम 26

लक्ष्यदीप 15

अंडमान निकोबार दीप 14

पुडुचेरी 12

गोवा 13 मुकदमे दर्ज हुए हैं।