—किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार के पास तनख्वाह का पैसा नहीं

जयपुर। राज्य में राज बदल गया, किंतु कृषकों की हालत अधिक खराब हो गई है। किसान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मौतें का दोषी मानते हैं। एक किसान ने वीडिया जारी कर दोनों पर मुकदमा चलाने की अपील कर आत्महत्या कर ली है।

राजस्थान में सरकार के पास पैसा नहीं है। किसानों के ऋणमाफ करने का वादा हवा हो चुका है। हर माह तीन—चार किसान सुसाइड कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि उसने किसानों का लोन माफ कर दिया है।

इधर, सरकार के पास पैसा नहीं है, कई विभागों में कर्मचारियों को वेतन देने के लिए रुपये ही नहीं हैं। सरकार की माली हालत बेहद खराब है। बजट सत्र शुरू हो चुका है, किंतु खजाने में पैसा नहीं है।

ऐसी स्थिति में राज्य की जनता में त्राहिमाम त्राहिमाम मचने की संभावना हो रही है। राज्य सरकार के मुखिया अपनी सीट बचाने में लगे हुए हैं और कर्मचारी हड़ताल की तरफ बढ़ रहे हैं।

किसानों की आत्महत्या थमने का नाम नहीं ले रही है। दो दिन पहले भी एक किसान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को दोषी बताते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अपील कर सुसाइड कर लिया था।

इधर, सरकार का दावा है कि उसने 21 लाख से ज्यादा किसानों का कर्जमाफ कर दिया है। गिनने में यह संख्या अच्छी है, किंतु हकिकत यह है कि इनमें वो किसान भी शामिल हैं, जिनका वसुंधरा राजे सरकार कर्जमाफ कर गई थी।

तब वसुंधरा सरकार 7174 करोड़ रुपये माफ कर गई थी। अब गहलोत सरकार भी 21 लाख किसानों का लोन माफ करने का दावा कर रही है, तो फिर यह बात समझ में नहीं आ रही है कि किसान कर्जे से परेशान सुसाइड क्यों कर रहे हैं?