ashok gehlot kisan karzmaafi

जयपुर।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार द्वारा वादा कर किसानों को ठगा गया है। कांग्रेस की सत्तारूढ सरकार द्वारा की गई कर्जमाफी को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

सरकार द्वारा दावा किया गया जा रहा है कि 2 लाख रुपए का कजार्माफ किया गया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश किसानों को केवल 50 से लेकर 5000 रुपए तक की कर्जमाफी मिली है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के द्वारा साल 2017 में कर्जमाफी के दौरान मामूली रकम माफ करने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो था। अब कुछ इसी तरह की स्थिति राजस्थान की सरकार में सामने आई हैं।

जिसके बाद भाजपा हमलावर होती हुई नजर आ रही है। इसके संकेत खुद पीए नरेंद्र मोदी ने चूरू में आयोजित रैली के दौरान दे दिए थे।

जब बीजेपी ने 10 दिन में कर्जमाफ नहीं करने को लेकर 8 फरवरी को जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा कर दी, तब कांग्रेस की सरकार ने आनन-फानन में 7 फरवरी को किसानों की कर्जमाफी की शुरूआत की।

सरकारी विज्ञापनों में दावा किया गया कि प्रदेश के 24 लाख किसानों के कर्जमाफ किया जा रहा है। जबकि वास्तविकता अलग है। योजना में शामिल पात्र अन्नदाताओं में से करीब 32 फीसदी को 50 रुपए से लेकर 15000 रुपए तक की ही कर्जमाफी हुई है। इसी तरह लगभग 3.2 लाख किसानों के 5000-10000 रुपए की कर्जमाफी हुई है।

सहकारिता विभाग के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 7 फरवरी से 1 मार्च 2019 के बीच 20.64 लाख किसानों के 7,000 करोड़ रुपए के ऋणमाफी की गई है। जिनमें से 8.5 प्रतिशत अन्नताओं को केवल 50 रुपए से 5000 रुपए की कर्जमाफी का लाभ मिला है।

सरकार ने दावा किया था कि 3 लाख रुपए कर्जा भी माफ हुआ है, लेकिन यह संख्या केवल 1007 है। करीब 2268 किसानों का 2 लाख से 2.5 लाख रुपए तक का कर्जमाफ हुआ है।

महज 5 फीसदी किसानों (करीब 1.04 लाख) का ही एक लाख रुपए या उससे अधिक कर्जमाफ हुआ है। राजस्थान में केवल 20,63,460 किसानों का कजार्माफ किया गया है, जबकि किसानों की कुल संख्या करीब 80 लाख है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार को किसानों की कर्जमाफी को दिखावा बोलकर कांग्रेस ने जमकर आलोचना की थी। बताया जाता है कि यूपी सरकार ने किसानों की एक रुपए तक की भी कर्जमाफी की थी।

कांग्रेस पार्टी ने इसको लेकर योगी सरकार को निशाने पर लिया था। अब राजस्थान में खुद कांग्रेस की सरकार को को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि ‘यह अशोक गहलोत सरकार की कर्जमाफी करने का आयाना है। राज्य सरकार ने केवल सहकारी बैंकों कर्जमाफ किए हैं, जो कि हमारी सरकार ने एक साल पहले ही कर दिए थे। गहलोत ने लोगों से झूठ बोला है।’

इतना ही नहीं भाजपा का कहना है कि अशोक गहलोत की झूठी सरकार की कर्जमाफी योजना सच सामने लाकर रहेंगे। कटारिया का कहना है कि ‘सरकार उन किसानों को योजना में शामिल बता रही है, जिनको भाजपा सरकार में किसान कर्जमाफी का फायदा मिल चुका है, केव आंकड़े दिखाने के लिए कर्जमाफी का ढोल पीट रहे हैं।’

कर्जमाफी में शामिल किसानों की वास्तविक स्थिति—

माफ किए गए रुपए किसानों की संख्या
50 रुपए से 5,000 रुपए 1.7 लाख
5,000 रुपए से 10,000 रुपए 3.2 लाख
10,000 रुपए से 15,000 रुपए 1.78 लाख
15,000 रुपए से 20,000 रुपए 1.71 लाख
20,000 रुपए से 25,000 रुपए 2.14 लाख
25,000 रुपए से 30,000 रुपए 1.50 लाख
30,000 रुपए से 35,000 रुपए 1.38 लाख
35,000 रुपए से 50,000 रुपए 2.79 लाख
50,000 रुपए से 1 लाख रुपए 3.39 लाख
1 लाख रुपए से 1.5 लाख रुपए 87 हजार
1.5 लाख रुपए से 2 लाख रुपए 12 हजार
2 लाख रुपए से 2.5 लाख रुपए 2,185
2.5 लाख रुपए से 3 लाख रुपए 2,268
3 लाख रुपए से अधिक 1,007
(7 फरवरी से 1 मार्च के बीच)

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