CJI Ranjan gogoi

नई दिल्ली। योन शोषण का आरोप अब शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधिपति तक पहुंच गया है। शीर्ष कोर्ट के मुखिया, यानी सीजेआई रंजन गोगोई पर एक महिला ने योन शोषण का आरोप लगाकर इस्तगासा दायर किया है। इसको लेकर एक विशेष बेंच बनाई गई है, जो सुनवाई कर रही है।

अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को सिरे से नकारते हुए रंजन गोगाई ने कहा है कि ‘मैं इन आरोपों का जवाब नहीं देना चाहता हूं’। इसके साथ ही सीजेआई ने कहा कि अदालत खतरे में है।

उन्होंने बताया कि वह अगले सप्ताह कई बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई करने वाले हैं, इसीलिये उनको जानबूझकर ऐसे आरोप लगे हैं। असल में 33 वर्षीय एक महिला ने सीजेआई रंजन गोगोई पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ ने सुनवाई कर दी है।

महिला ने अपने पति, पति के भाई, उनके परिवार के अन्य लोगों पर भी अत्याचार करने के आरोप लगाए हैं। महिला ने अपने एफिडेविट को 22 जजों को भेजा है।

महिला ने लिखा है कि अक्टूबर 2018 को सीजेआई ने अपने घर पर उसे कमर से पकड़कर अपनी बाहों में जकड़ लिया। उसके बाद वह एक बुत की तरह लाचार हो गई थीं। महिला शीर्ष अदालत में लॉ असिस्टेंट के पद पर थीं। उनके देवर और पति दिल्ली पुलिस में हैं, जिनको सस्पेंड किया जाना बताया जा रहा है।

इसी दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि क्या मुख्य न्यायाधीश के 20 सालों के कार्यकाल का उनको देश की तरफ से यह ईनाम मिला है?

जस्टिस गोगोई ने कहा ​कि 20 बरसों तक उनकी सेवा के बाद बैंक खाते में केवल 6.80 लाख रुपये हैं। साथ ही यह भी कहा कि कोई भी उनका खाता चेक कर सकता है।

सीजेआई रंजन गोगाई ने कहा कि उनके चपरासी के पास भी उनसे ज्यादा संपत्ति है। जस्टिस रंजन गोगोई ने इस तरह की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अब देश के शीर्ष कोर्ट को भी बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कुछ लोग मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को भी निष्क्रिय करना चाहते हैं। जस्टिस गोगोई ने कहा कि लोग पैसे के मामले में उनपर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिये इस तरह के घिनोने आरोप लगा रहे हैं।

इसके साथ ही सीजेआई गोगोई ने यह भी कहा कि वो देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ‘मैं सभी जरूरी मामलों की सुनवाई करूंगा, जिन्होंने मुझपर यह आरोप लगाए हैं, वह जेल में थे, जो कि अब बाहर हैं।

आपको बता दें कि अगले हप्ते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को “चौकीदार चोर है” का नारा दिए जाने के मामले में अवमानना को लेकर सुनवाई होने जा रही है।

जस्टिस गोगोई ने यह भी कहा है कि इसके पीछे कोई एक आदमी नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है। गोगोई ने कहा कि एक बड़ा तबका है, जो इस काम को अंजाम दे रहा है।

आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि जिस औरत ने उनपर योन शोषण का आरोप लगाया है, वह पिछले 4 दिन जेल में थी।

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि किसी व्यक्ति को शीर्ष अदालत में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उसका योन शोषण किया था और पैसे भी लिये थे।

आरोप लगाने वाली शीर्ष कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने अपने ​एफिडेविट में 2 घटनाओं के बारे में बताया है। महिला ने लिखा है कि जब ही सीजेआई रंजन गोगोई ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया।

दोनों ही घटनाएं अक्टूबर 2018 में घटित हुईं थी। दोनों ही घटनाएं सीजेआई तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई की नियुक्ति के बाद की हैं। शीर्ष कोर्ट के महासचिव संजीव सुधाकर कलगांवकर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि अनेक न्यायाधीशों को एक महिला के पत्र मिले हैं।

इसके साथ ही संजीव सुधाकर ने बताया है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप दुर्भावनापूर्ण और निराधार हैं। उन्होंने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि दुर्भावनापूर्ण आरोप हैं।

इधर, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इसको देश के मीडिया के विवेक पर छोडती है कि सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के मामले में जिम्मेदार ढंग से पेश आना है।

आपको यह भी बता दें कि मामले की सुनवाई के लिए बेंच का गठन तब किया गया था, जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगने के संबंध में अफसरों को बताया था।

बताया बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाली महिला राजस्थान की है और उसका ससुराल झुंझुनू में है। पिछले दिनों उसको सुप्रीम कोर्ट से बर्खास्त कर दिया गया था।

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