नई दिल्ली।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) परिसर में 2016 के दौरान कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने 1200 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार्जशीट में आरोप है कि संसद भवन पर हमले की साजिशकर्ता मृतक आतंकी अफजल गुरु की याद में जेएनयू परिसर में हुए एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उसके साथी उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 7 कश्मीरी छात्रों को आरोपी बनाया।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि मैं 3 साल बाद दिल्ली पुलिस के द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने पर पीएम मोदी और दिल्ली पुलिस को धन्यवाद देना चाहता हूं। भाजपा की तरफ से प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।

कन्हैया कुमार ने कहा है कि इससे साफ है कि यह चार्जशीट पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित कदम है।उल्लेखनीय है कि इस चार्जशीट में CPI के नेता डी राजा की बेटी अपराजिता राजा, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शहला रशीद सहित कुल 36 अन्य नाम शामिल हैं। डी राजा की बेटी अपराजिता आज भी जेएनयू में अध्ययनरत है।

पुलिस के द्वारा इनका नाम चार्जशीट के कॉलम 12 में लिखा गया है, क्योंकि इनके खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिला है, किन्तु फिर भी इनपर शक होने के कारण इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

दिल्ली के पटियाला कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट पर मंगलवार को कोर्ट सुनवाई करने जा रहा है। चार्जशीट दाखिल करने के बाद सियासत फिर से गर्म हो गई है। दोनों ओर से कल तक आरोपों के पिटारे खुलने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि 2002 में संसद हमले के साजिशकर्ता अफजल गुरु की याद में यहां पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार मौजूद नहीं था, लेकिन उमर खालिद भी मौजूद थे। उसी वक्त देश विरोधी नारे लगाए गए थे।

दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में भी इस बात का आरोप है कि जेएनयू में 9 फरवरी 2016 को लेफ्ट के स्टूडेंट्स के समूह ने संसद पर हमले के मुख्य गुनहगार अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के Co-founder मकबूल भट की याद में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

हालांकि, छात्रसंघ और छात्रों ने इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया था। शाम 5 बजे उसी कार्यक्रम में कुछ कश्मीरी छात्रों ने देश विरोधी नारेबाजी की थी। 10 फरवरी को उस नारेबाजी का वीडियो सामने आया। जिसपर देश में खूब बवाल मचा था।

बाद में दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी 2016 को नारेबाजी के आरोप में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद समेत अन्य छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में कन्हैया कुमार, खालिद खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया था। बाद में इन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

वीडियो में सामने आया था कि छात्रों ने तब ‘लेके रहेंगे आज़ादी’, ‘संघवाद से आज़ादी’, ‘ब्राह्मणवाद से आज़ादी’, ‘मनुवाद से आज़ादी’ जैसे देश विरोधी नारे लगाए थे। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रों के नारेबाजी में उग्र आंदोलन के लिए देश भर में मशहूर है। हालांकि, वहां पर कभी भी छात्रों के बीच आपस में लड़ाई नहीं होती है।

मुख्य आरोपी बनाए गए तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद अपनी-अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब उनके रास्ते एजुकेशन के बजाए सियासत की तरफ मुड़ चुके हैं। कन्हैया कुमार को लेफ्ट समेत अन्य पार्टियां बेगूसराय से लोकसभा का उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं।