jaipur me dangue ka kahar
jaipur me dangue ka kahar

जयपुर।
मौसम परिवर्तन के बाद इस वर्ष शहर में मच्छरों का प्रकोप कुछ कम है, लेकिन पिछले वर्ष मच्छरों से परेशान नगर निगम, इस वर्ष कोताही बरतने के मूड में नहीं है।

यही करण है कि निगम हाल ही में तीन दिनों तक मच्छरों को मारता रहा। बताया जा रहा है कि निगम की ओर से आने वाले दिनों में भी कीट नियंत्रण पर प्रोग्राम चलाए जाएंगे।

नगर निगम की ओर से 24, 25 और 26 अप्रैल को शहर में मच्छरों के खिलाफ जमकर कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई हाई रिस्क एरिया में की गई और शहर के शास्त्री नगर, द्रव्यवती नदी के आस-पास के एरिया, रामगंज, मान सरोवर, मालवीय नगर, प्रताप नगर, विद्याधर नगर, सिंधी कैंप इलाकों में मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फोगिंग और एंटी लार्वा एक्टिविटी की गई।
कौनसे हैं हाई रिस्क एरिया

चिकित्सा विभाग और नगर निगम हाई रिस्क एरिया उन एरियों को मानती है जहां गत वर्ष मलेरिया, डेंगू, जीका के मामले पाए गए थे।

गत वर्ष पूरा शहर मच्छरों के कारण इन मौसमी बीमारियों से ग्रस्त था। जीका ने तो पूरे शहर में हड़कंप मचा रखा था, क्योंकि पहली बार जयपुर में जीका वायरस से ग्रसित मरीज पाए गए थे।

शहर के शास्त्री नगर, विद्याधर नगर, द्रव्यवती नदी के आस-पास के इलाकों और सिंधी कैंप इलाके में जीका वायरस का फैलाव हुआ था।

वहीं मालवीय नगर, मानसरोवर, रामगंज व शहर के कुछ अन्य इलाकों में मलेरिया और डेंगू का प्रकोप रहा था।
द्रव्यवती नदी के लिए विशेष प्रोग्राम

इससे पहले नेशनल दुनिया ने गत वर्ष 12 अक्टूबर को ही करीब 1800 करोड़ रुपए की द्रव्यवती नदी परियोजना की सबसे बड़ी खामी को उजागर किया था।

बताया था कि इस परियोजना को बनाने वाले जेडीए ने यहां कीट नियंत्रण के लिए कोई कार्ययोजना ही तैयार नहीं की है।

इसका खामियाजा गत वर्ष भी शहर की जनता को भुगतना पड़ा था और इस वर्ष भी रिपोर्ट में सामने आया है कि द्रव्यवती नदी के आस-पास का एरिया शहर में सबसे ज्यादा मच्छर प्रभावित है।

इस रिपोर्ट के बाद से ही प्रशासन सतर्क है और चिकित्सा विभाग ने द्रव्यवती नदी के रुके हुए पानी में एंटी लार्वा गतिविधियों के तहत पानी में गम्बूचिया मछलियां डालने और जला हुआ तेल डालने का काम शुरू कर दिया है ताकि मच्छरों के लार्वा नहीं पनप पाएं।

वहीं नगर निगम की ओर से भी द्रव्यवती नदी के आस-पास फोगिंग कराई जा रही है।
शहर में कम क्यों हैं मच्छर

कीट विज्ञानियों के अनुसार मच्छरों के प्रजनन और विकास पर मौसम का बड़ा प्रभाव पड़ता है। इस वर्ष मार्च महीने के मध्य में मौसम में परिवर्तन हुआ और मार्च महीने के अंतिम सप्ताह से ही तेज गर्मी शुरू हो गई थी।

तेज गर्मी के कारण इस बार मौसम परिवर्तन पर मच्छरों के लार्वा नहीं पनप पाए और शहर की जनता को मच्छरों से राहत मिली हुई है।

निगम की ओर से तीन दिनों तक मच्छरों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया गया और हाई रिस्क एरिया में विशेष कार्रवाई की गई। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए नया प्रोग्राम भी तैयार कर लिया गया है। जरूरत होने पर चिकित्सा विभाग से निर्देशों के बाद यह प्रोग्राम शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. सोनिया अग्रवाल, प्रभारी मलेरिया शाखा, नगर निगम