जयपुर।

राजस्थान सरकार ने तय किया है कि राज्य में आने वाले समय में चुने जाने वाले सरपंच और प्रधान पढ़े-लिखे होना जरूरी नहीं, मतलब अनपढ़ ही रहेंगे।

नई नवेली अशोक गहलोत सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में तय किया गया है कि पिछली सरकार के द्वारा सरपंच और प्रधान के दसवीं पास होने के निर्णय को बदला जा रहा है।

राज्य कैबिनेट की पहली बैठक में इसको लेकर निर्णय हो चुका है। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सदन में संशोधन बिल पेश किया जाएगा।

राज्य कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा राज्य में हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय फिर से शुरू करने और अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय को रीस्टार्ट करने का भी फैसला किया गया है।

राजस्थान सरकार के द्वारा शिक्षा को लेकर इस तरह के दो बड़े विरोधाभासी फैसले लिए गया है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर खूब बहस हो रही है।

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