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जयपुर।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के नेता अशोक गहलोत ने बार-बार इस बात का जिक्र किया था कि उनकी सरकार बनने पर राज्य में एक भी काम बदले की भावना से नहीं किया जाएंगे, लेकिन पहली कैबिनेट बैठक में पिछले सरकार के 4 फैसले बदल दिए गए हैं।

राज्य सरकार के द्वारा शनिवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में दो विश्वविद्यालय पुनः शुरू करने, भाजपा सरकार के कार्यकाल में पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

इसी तरह से जयपुर नगर निगम समेत सभी निगम के मेयर का चुनाव भी अब जनता सीधे मतदान के द्वारा करेगी। इसी तरह से नगर परिषद के सभापति और नगर पालिका के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।

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वसुंधरा राजे सरकार के द्वारा सरकारी लेटर पैड पर अशोक स्तंभ के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो वाली अनिवार्यता भी अशोक गहलोत सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में निरस्त कर दी है।

इससे पहले राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि राज्य में भगवा रंग की साइकिल का विवरण नहीं होगा, साथ ही पाठ्यक्रम में भी वसुंधरा सरकार द्वारा किया गया बदलाव वापस लिया जाएगा।

राजस्थान में पर्यटकों के लिए “पधारो म्हारे देश” वाला स्लोगन फिर से शुरू होगा। जो पिछली भाजपा सरकार ने “न जाने क्या दिख जाए” करके बदल दिया था।

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