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रविवार, अक्टूबर 25, 2020

बिग बॉस 14: देसी किम कार्दशियां बनने की कोशिश क्यों कर रही निक्की तंबोली?

मुंबई, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिग बॉस के इस सीजन में घर की सदस्य निक्की तंबोली के बारे में कुछ तो खास है। आप उन्हें पसंद करें, उनसे नफरत करें, लेकिन आप उन्हें अनदेखा नहीं कर सकते।

अभिनेत्री ने कंचना 3, चिकती गदिलो चितकोतुडु और थिप्पारा मीसम जैसी फिल्मों से बहुत जल्द लोकप्रियता हासिल की है। वहीं बिग बॉस के सीसीटीवी कैमरों के केंद्र बिंदु बनने में भी वह कामयाब रहीं। इसका कारण उनका व्यवहार है, जो उन्हें देसी किम कार्दशियां की छवि में ढालता है।

उदाहरण के तौर पर टीवी अभिनेत्री जैस्मीन भसीन के साथ निक्की का एक टास्क जो वायरल हुआ था, उसे ले सकते हैं, जिसमें निक्की खुलेआम लड़ाई के दौरान मुंह पर सीधी बात करती नजर आई थीं।

बिग बॉस में जहां बदतमीजी भरा व्यवहार सीधे-सीधे वोटों की बारिश कराता है, वहीं निक्की को इसका भरपूर फायदा मिल रहा है। जब से उन्होंने घर में प्रवेश किया है, वह दर्शकों, घर के सदस्यों और तीन तूफानी सीनियर्स, सिद्धार्थ शुक्ला, हिना खान और गौहर खान के लिए ध्यान का केंद्र बनने में कामयाब रही हैं।

निक्की को घर में आए दो हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है और वह सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोविंग बनाने में कामयाब रही हैं। वर्तमान में उनके सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट पर 680 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। वहीं टीम निक्की तंबोली द्वारा ट्विटर पर संचालित एक असत्यापित अकाउंट के 24.4 हजार फोलोवर्स हैं।

–आईएएनएस

एमएनएस-एसकेपी

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23 नवंबर, 27 नवंबर, 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को चार चरणों में होंगे चुनाव, पढ़िए पूरी डिटेल

पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2020, प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव कार्यक्रम की हुई घोषणा। 2 करोड़ से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मताधिकार का इस्तेमाल। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए मतदान के समय को आधे घंटे बढ़ाया गया, साथ ही मतदान बूथ पर मतदाताओं की संख्या भी 1100 से घटाकर 900 की। केंद्र, राज्य सरकार, चिकित्सा विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार करवाए जाएंगे चुनाव

जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव चार चरणों में कराने के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

प्रथम चरण में 23 नवंबर, द्वितीय चरण में 27 नवंबर, तृतीय चरण में 1 दिसंबर और चतुर्थ चरण में 5 दिसंबर को मतदान होगा।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभावी हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेंगे।

चुनाव आयुक्त पीएस मेहरा ने बताया कि राज्य सरकार ने माह जून एवं अगस्त, 2020 में अधिसूचनाएं जारी कर 18 नगरपालिकाओं का नवसृजन किया था। इन नगरपालिकाओं के सृजन से 48 ग्राम पंचायत पूर्ण अथवा आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।

इन पंचायतों के पूर्ण अथवा आंशिक क्षेत्र नगरपालिका में सम्मिलित होने से शेष रहे ग्रामों या क्षेत्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद संबंधित जिला परिषद एवं पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र एवं कतिपय स्थानों पर इनके आरक्षण में भी परिवर्तन होना संभावित है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट एवं 4 अन्य समान प्रकृति की याचिकाओं में न्यायालय द्वारा नवीन नगरपालिकाओं के गठन के लिए स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं पर अंतरिम स्थगन प्रदान कर दिया जाने से नवगठित नगरपालिकाओं से प्रभावित पंचायतीराज संस्थाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ऐसे में नवसृजित 18 नगरपालिकाओं से प्रभावित उक्तानुसार 12 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव कराना संभव नहीं है।

21 जिलों में 2 करोड़ से ज्यादा मतदाता
चुनाव आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के अजमेर, चूरू, नागौर, बांसवाडा, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, जैसलमेर, राजसमंद, बीकानेर, जालौर, सीकर, बूंदी, झालावाड़, टोंक, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं और उदयपुर जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चरणों में करवाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इन जिलों में 21 जिलों में 2 करोड़ 41 लाख, 87 हजार, 9 सौ 46 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इन 21 जिलों में 636 जिला परिषद सदस्य, 4371 पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव संपन्न होंगे।

4 नवंबर को अधिसूचना जारी होते ही शुरू हो जाएगी नामांकन प्रक्रिया
मेहरा ने बताया कि चारों चरणों के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा 4 नवंबर को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

इसी के साथ नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि एवं समय 9 नवंबर दोपहर 3 बजे तक रहेगी।

नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 10 नवंबर प्रातः 11 बजे से होगी, जबकि 11 नवंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी के साथ ही चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

प्रथम चरण के लिए 23 नवंबर, द्वितीय चरण के लिए 27 नवंबर, तृतीय चरण के लिए 1 दिसंबर और चतुर्थ चरण के लिए 5 दिसंबर को प्रातः 7.30 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान करवाया जाएगा।

मतगणना 8 दिसंबर को प्रातः 9 बजे से सभी जिला मुख्यालयों पर होगी। इसी तरह प्रधान या प्रमुख का चुनाव 10 दिसंबर और उप प्रधान या उप प्रमुख 11 दिसंबर को चुनाव होगा। सायं 5 बजे या मतदान की समाप्ति के साथ ही मतगणना प्रारंभ हो जाएगी।

मतदान बूथ पर 1100 की बजाए होंगे 900 मतदाता
श्री मेहरा ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आयोग द्वारा अब प्रत्येक मतदान बूथ पर मतदाताओं की संख्या भी कम कर 900 कर दी गई है।

पूर्व में एक मतदान बूथ पर 1100 मतदाताओं की सीमा निर्धारित थी। मतदाताओं की संख्या के अनुसार 21 जिलों में 33611 मतदान बूथ स्थापित किए जाएंगे।

इसके साथ ही पंचायत और नगर निगम चुनाव की तरह ही यहां भी मतदान के समय में बढ़ोतरी कर मतदान का समय प्रातः 7.30 बजे से सांय 5.00 बजे तय किया गया है, ताकि मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए मतदान कार्य कर सके।

अभ्यर्थियों के लिए तय की चुनाव खर्च सीमा
चुनाव आयुक्त ने आयोग ने जिला परिषद सदस्य के चुनाव लड़ रहे अभ्यर्थियों के लिए 1,50,000 और पंचायत समिति सदस्य के लिए 75,000 रुपए खर्च सीमा निर्धारित की है।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों या राजनैतिक दलों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किए जाने वाले खर्च की निगरानी के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा रिटर्निंग अधिकारी के स्तर पर एक प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा, जो अभ्यर्थियों या राजनैतिक दलों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किए जाने वाले खर्च की सतत् निगरानी रखेगा।

कोविड संक्रमण से बचाव के लिए बनाई गाइडलाइन
मेहरा ने बताया कि आयोग द्वारा चुनाव के दौरान विभिन्न गतिविधियों जैसे ईवीएम की प्रथम जाचं, मतदान दलों के प्रशिक्षण, नाम निर्देशन पत्रों का प्रस्तुतिकरण, संवीक्षा एवं नाम वापसी, चुनाव प्रचार, मतदान तथा मतगणना संबंधी चुनाव कार्य में सम्मिलित होने वाले कार्मिकों, चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों और राजनैतिक दलों एवं मतदाताओं को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए पंच एवं सरपंच के चुनाव के लिए गाइडलाइन जारी की गई है, जो इन चुनावों में भी यथाशक्य परिवर्तनों के साथ लागू रहेंगी।

निर्वाचन गतिविधियों मंे सम्मिलित होने वाले सभी व्यक्तियों से आयोग की अपेक्षा है कि वे केन्द्र और राज्य सरकार तथा आयोग द्वारा जारी की गई गाइडलाइनों की भी पूर्ण रूप से पालना करे।

चुनाव संबंधी समस्या के समाधान के लिए नियन्त्रण कक्ष की स्थापना
आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं आमजन द्वारा भी चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित कर दिया जाएगा।

आमजन 0141-2227786, 0141-2385067, 0141-2385059 पर कॉल कर सकते हैं। यह नियन्त्रण कक्ष 24 बाय 7 रात-दिन लगातार कार्य करेगा।

भाजपा ने बागियों के खिलाफ लिया एक्शन, कांग्रेस क्यों पीछे हटी?

जयपुर। जयपुर, जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगमों के लिए चुनाव की तैयारियां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के द्वारा की जा रही है।

इस चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत करके भाजपा के ही जिन कार्यकर्ताओं के द्वारा मैदान में ताल ठोकी गई है, उनमें से जयपुर में 29 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक्शन लेते हुए 6 साल के लिए उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर के अलावा जोधपुर और कोटा में भी इसी तरह का है एक्शन लिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में बड़े पैमाने पर बगावत करने के बावजूद बागियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया जाना कांग्रेस संगठन पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

जानकारी में आया है कि कांग्रेस की तरफ से बगावत करने वाले किसी भी पार्षद प्रत्याशी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, यानी कांग्रेस के सदस्य ही कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे लेकिन संगठन इतना कमजोर हो गया है कि वह इस तरह की गतिविधि करने वाले लोगों के खिलाफ एक्शन भी नहीं ले सकता।

आपको बता दें कि पहली बार कांग्रेस संगठन के द्वारा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की गई, बल्कि जयपुर, जोधपुर और कोटा में कांग्रेस के जो भी स्थानीय विधायक हैं या फिर विधायक प्रत्याशी रह चुके हैं, उनके द्वारा ही सिंबल बांटे गए हैं।

पार्टी के द्वारा सचिन पायलट को अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने के बाद उनकी जो बनाई हुई कमेटियां थी और प्रकोष्ठ थे उनको भी बर्दाश्त किया गया था। साथ ही पदाधिकारियों को भी हटा दिया गया था, किंतु संगठन का पुनर्गठन नहीं होने के कारण कांग्रेस में विधायकों का दबदबा बढ़ा और संगठन को सत्ता के सामने झुकना पड़ा है।

कांग्रेस के इस तरह की ढुलमुल रवैया के कारण न केवल संगठन को नुकसान होगा, बल्कि कांग्रेस की सरकार के ऊपर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को इसका निगम चुनाव में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

एपिक गेम्स ने कहा उसने एप्पल से कुछ नहीं चुराया

सैन फ्रांसिस्को, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकप्रिय गेम फोर्टनाइट बनाने वाली कंपनी एपिक गेम्स और एप्पल की लड़ाई के बीच एप्पल ने इस कंपनी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है।
इस मामले में एपिक गेम्स ने कहा कि एपिक ने ऐसा कुछ भी चोरी नहीं किया है जो एप्पल से संबंधित हो।

कंपनी ने अपने दस्तावेजों में लिखा है, उसने किसी भी संभावित आर्थिक लाभ के लिए एप्पल के साथ हस्तक्षेप नहीं किया है।

इससे पहले इसी महीने की शुरूआत में अमेरिकी न्यायाधीश ने आदेश दिया था कि एप्पल लोकप्रिय गेम फोर्टनाइट को स्थायी रूप से बंद कर सकता है लेकिन उसे 3डी क्रिएशन प्लेटफॉर्म अनरियल इंजन को जारी रखना होगा। जबकि यह भी एपिक गेम्स के स्वामित्व वाला ही है।

द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश यवोन गोंजालेस रोजर्स ने एपिक गेम्स को एप्पल के खिलाफ प्रारंभिक निषेधाज्ञा लागू करने से इनकार कर दिया।

बता दें कि अगस्त में एपिक गेम्स ने एप्पल के ऐप स्टोर की 30 फीसदी शुल्क को बायपास करने के लिए अपने फोर्टनाइट गेम में एक नया डायरेक्ट-पेमेंट-सिस्टम शुरू कर दिया था। इसके बाद एप्पल ने अपने नियमों का उल्लंघन करने के लिए फोर्टनाइट को ऐप स्टोर से हटा दिया था।

–आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

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कोरोना की चपेट में आए माइक पेंस के चीफ ऑफ स्टाफ

वॉशिंगटन, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क शॉर्ट कोरोनावायरस की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं।

शनिवार को पेंस के प्रेस सचिव डेविड ओ माल्ली के दिए बयान के हवाले से सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया, आज मार्क शॉट उपराष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ कोविड-19 की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें क्व ॉरंटाइन कर लिया गया है और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा, उपराष्ट्रपति पेंस और उनकी पत्नी दोनों कोरोनावायरस की जांच में आज नेगेटिव पाए गए हैं। हालांकि उनकी सेहत अच्छी बनी हुई है।

डेविड आगे यह भी कहते हैं, मिस्टर शॉर्ट के करीबी माने जाने वाले उपराष्ट्रपति पेंस अपने इस खास स्टाफ के लिए व्हाइट हाऊस के मेडिकल यूनिट संग इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं और इसके साथ ही वह रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के दिशा निर्देशों के मुताबिक अपना कार्यक्रम बनाए रखेंगे।

–आईएएनएस

एएसएन-एसकेपी

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गुरुग्राम में मॉल के बाहर फायरिंग, 1 शख्स गिरफ्तार

गुरुग्राम, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। महरौली-गुरुग्राम रोड पर रविवार तड़के एक मॉल के बाहर फायरिंग करने के आरोप में 24 वर्षीय एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि मुसद्दीक अंसारी नाम के शख्स के पास से एक देसी तमंचा, पांच कारतूस और एक इस्तेमाल में लाए जा चुके कारतूस बरामद किया गया। उसने मेट्रोपॉलिटन मॉल की पार्किं ग लॉट में फायरिंग की थी।

दिल्ली के बिजवासन का रहने वाला अंसारी बिजवासन में फूड सप्लीमेंट की दुकान चलाता है और पिछले 2-3 सालों से मॉल में एक क्लब का रेगुलर विजिटर रहा है।

अंसारी रात में मॉल पहुंचा था। तड़के लगभग 3 बजे नशे की हालत में पार्किं ग में लौटने के बाद, उसने कथित रूप से हवा में गोली चलाई। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।

डीएलएफ फेज -2 पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर अमन ने कहा, एक राहगीर ने एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर तैनात एक पुलिस गश्ती वाहन को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी से वेपन लाइसेंस के बारे में पूछा लेकिन वह उसे दिखाने में नाकाम रहा।

एसएचओ ने कहा, पूछताछ के दौरान, उसने दिखावे, रौब जमाने के लिए के लिए हवा में फायरिंग करने की बात स्वीकार की।

उन्होंने कहा, अंसारी के खिलाफ आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी ने अवैध हथियार कहां से हासिल किया।

अधिकारी ने कहा कि हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि अगर वह शख्स मॉल में गया, तो उसे परिसर के अंदर हथियार के साथ कैसे जाने दिया गया? हम इस पहलू को भी देखेंगे।

–आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

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देश में कोरोना के 50 हजार से ज्यादा नए मामले, कुल संख्या 78,64,811 हुई

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 50,129 नए मामलों और 578 मौतों के साथ भारत में कुल मामलों की संख्या 78,64,811 हो गई, जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,18,534 हो गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।

पिछले 24 घंटों में 12,526 मामलों के कम होने के साथ वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 6,68,154 है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में खुलासा हुआ कि ठीक होने वालों की संख्या 70,78,123 तक पहुंच गई है, जिनमें से 62,077 को पिछले 24 घंटों में अस्पताल से छुट्टी दी गई है।

देश में रिकवरी दर 90 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.51 प्रतिशत है।

कुल 16,38,961 मामलों और 43,152 मौतों के साथ महाराष्ट्र देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और दिल्ली हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने शनिवार को 11,40,905 नमूनों के परीक्षण किए, अब तक कुल 10,25,23,469 नमूनों की जांच हो चुकी है।

–आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

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बिकरू हत्याकांड के 30 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज

कानपुर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। 3 जुलाई को बिकरू गांव में घात लगाकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने के आरोपी मृतक गैंगस्टर विकास दुबे के 30 सहयोगियों के खिलाफ कानपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
एसपी (ग्रामीण) बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है क्योंकि जांच में पुष्टि हुई है कि उन्होंने असामाजिक और सरकार विरोधी गतिविधियों के लिए एक गिरोह के रूप में काम किया, साजिश रची और इससे जनता में दहशत फैली।

इस गिरोह पर 3 जुलाई को बिकरू गांव में डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार मिश्रा और 3 सब-इंस्पेक्टरों सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने और 7 पुलिसकर्मियों को घायल करने का आरोप है।

एसएसपी/डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने भी पुष्टि की है कि जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद जेल में बंद 30 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। उन्होंने कहा, गैंगस्टर एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एक अलग प्राथमिकी जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है।

पुलिस ने मामले में 36 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से दुबे सहित 6 लोग 3 से 10 जुलाई के बीच मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं इसमें विकास के सहयोगी अमर दुबे की नाबालिग पत्नी, क्षमा अग्निहोत्री, रेखा अग्निहोत्री, शांति दुबे और खुशी दुबे भी शामिल हैं।

हालांकि, महिलाओं को गैंगस्टर एक्ट से बाहर रखा गया है क्योंकि उनके पति पहले से ही मामले में आरोपी हैं।

–आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

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मप्र में अब स्वाइन फ्लू का खतरा

भोपाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच मौसम में हो रहे बदलाव के साथ मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ चला है। इससे निपटने और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को आवष्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को लिखा गया है कि मौसम के बदलाव के कारण स्वाइन फ्लू सीजनल इन्फ्लूएन्जा (एच-1 एन-1) के प्रकरण होने की संभावना होती है। इसलिए संभावित सीजनल इन्फ्लूएन्जा (एच-1 एन-1) के मरीजों की स्क्रीनिंग, निदान, उपचार व रोकथाम के लिये और उपचार के लिए भारत शासन द्वारा तय किए गए प्रोटोकॉल और गाइडलाइन का पालन व कार्यवाही की जाए।

बताया गया है कि इस बुखार का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, गर्भवती महिलाओं, किसी घातक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को होता है, इसलिए उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरुरत ज्यादा है।

सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिदिन दो बार फीवर क्लीनिक में सर्दी-खांसी मरीजों की रिपोर्ट राज्य सर्विलेंस इकाई को भेजें तथा पूरा ब्यौरा रखा जाए।

–आईएएनएस

एसएनपी-एसकेपी

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कोरोना के कारण फिलीपींस में क्रिसमस पार्टियों पर लगा प्रतिबंध

मनीला, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोविड-19 महामारी के कारण फिलिपींस बिना पार्टी वाला या न के बराबर पार्टी वाला क्रिसमस मनाने की तैयारी में है क्योंकि सरकार ने साल के आखिर तक सख्त प्रतिबंध लागू रखने का मन बना लिया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने सख्त उपायों को लागू करते हुए क्रिसमस की पार्टियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। फिलीपींस में क्रिसमस सबसे बड़ा त्योहार होता है क्योंकि यहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कैथोलिक है।

यहां सितंबर की शुरूआत से ही पारंपरिक तौर पर पारिवारिक समारोहों और अंतहीन पार्टियों का आयोजन शुरू हो जाता है। क्रिसमस की सजावट और ब्लिंकिंग लाइट्स मॉल, गलियों और पार्कों में लग जाती हैं। लेकिन इस साल क्रिसमस का ये मौसम बिल्कुल अलग है।

कोरोना फैलने के डर से मॉल को केवल सीमित संख्या के लोगों के साथ खुला रखने की अनुमति दी गई है। मार्च के मध्य से फिलीपींस में कई बार लॉकडाउन अलग-अलग तरीकों से लग चुका है।

फिलीपींस में अब तक 3,65,799 कोविड-19 मामले और 6,915 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।

–आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

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