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रविवार, जनवरी 17, 2021

हनुमान बेनीवाल के से डर प्रो. बीएल जाटावत का इस्तीफा, सरकार ने स्वीकारा

जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के डर से राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन प्रोफेसर बीएल जतावत का इस्तीफा हो गया है।

प्रोफेसर बीएल जतावत ने इस्तीफा दिया और सरकार ने उसको तुरंत प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया है। आपको बता दें कि राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड के अंतर्गत आने वाली विभिन्न भर्तियों में लगातार घपले हो रहे थे, जिसके बाद हनुमान बेनीवाल ने बीएल जाटावत के इस्तीफे की मांग की थी।

प्रोफेसर बीएल जाटावत के इस्तीफे के बाद अब राज्य सरकार के समक्ष नए अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची करने का समय शुरू हो गया है। इधर हनुमान बेनीवाल का कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड समेत सभी सरकारी भर्तियों की एजेंसियों में पारदर्शिता लानी चाहिए, जिससे बेरोजगारों की भविष्य के साथ खिलवाड़ ने हो।

राजस्थान विवि को 15.60 करोड़ की लागत से मिलेगा बीसलपुर का पानी

राजस्थान विवि के लिए बीसलपुर जल आपूर्ति योजना का शिलान्यास
किया।
जयपुर। राजस्थान विवि, सम्बद्ध कॉलेजों को हर दिन 27 लाख लीटर पानी मिलेगा। साथ ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए 15.60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते दो साल में बेहतर प्रबंधन से प्रदेश के हर गांव-ढाणी की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा किया है।

कल्ला ने कहा इस दौरान हमने कहीं भी पानी की कमी नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

जलदाय मंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में बीसलपुर जल आपूर्ति योजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि 15.60 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली इस योजना से राजस्थान विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों को प्रतिदिन 27 लाख लीटर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी।

डॉ. कल्ला ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाराजा एवं महारानी कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज, राजस्थान कॉलेज एवं पोद्दार प्रबंधन संस्थान में अभी टयूबवैल से आपूर्ति की जा रही है।

गिरते भू-जल स्तर एवं पानी की गुणवत्ता को लेकर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने इस योजना के लिए मांग की थी। इस योजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर और महारानी कॉलेज में एक-एक स्वच्छ जलाशय और एक-एक उच्च जलाशय का निर्माण किया जायेगा।

साथ ही द्वितीय चरण में 10 लाख लीटर क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाने की योजना है, जिसके उपचारित जल से बागवानी, सफाई और अन्य कार्य हो सकेंगे।

जलदाय मंत्री ने कहा कि गिरते भू-जल स्तर तथा वर्षा की अनिश्चितता के कारण जल संरक्षण महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान विश्ववविद्यालय जल संरक्षण की मुहिम में योगदान देने के साथ ही लोगों को प्रेरित करने में भी सकारात्मक भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट, हरियाणा से यमुना नदी के जल बंटवारे, जल जीवन मिशन सहित पानी से जुड़े राजस्थान के हितोें पर मुख्यमंत्री लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष पुरजोर तरीके से मांग रख रहे हैं। 

डॉ. कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने 13 जिलों को सतही स्रोत से पेयजल पहुंचाने के लिए 37 हजार 200 करोड़ रुपये की ईस्टर्न कैनाल परियोजना मंजूरी के लिए केन्द्र सरकार को भेज रखीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में स्वयं राजस्थान की भूमि पर इस बात की घोषणा की थी कि राज्य की इस परियोजना को केन्द्रीय परियोजना का दर्जा दिया जाएगा।

जलदाय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन की क्रियान्विति में केन्द्र सरकार की हिस्सेदारी को 90 प्रतिशत तक बढ़ाने के बारे में भी राज्य सरकार द्वारा लगातार ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।

एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए करीब एक लाख 50 हजार करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता है।

इसमें मौजूदा अनुपात के हिसाब से राजस्थान को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के हिसाब से 75 हजार करोड़ का भार वहन करना होगा, जो कोविड-19 और इसके बाद आर्थिक स्थितियों में राज्य के लिए सम्भव नहीं है।

डॉ. कल्ला ने कहा कि विगत 2 वर्षों में प्रदेश में बेहतर जल प्रबंधन के लिए 4 लाख 63 हजार हैण्डपम्पों की मरम्मत की गई है। साथ ही 11 हजार से अधिक नए हैण्डपम्प एवं करीब 5 हजार नए नलकूप स्थापित किए गए हैं।

बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पानी से जुड़े कार्याें के लिए 25-25 लाख रूपये स्वीकृत किए गए। कंटीजेंसी प्लान के तहत सभी जिला कलेक्टरों को 50-50 लाख रूपये उपलब्ध करवाए।उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हुए हैं।

बीते 2 साल में प्रदेश में 88 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर खोले गए इंग्लिश मीडियम विद्यालयों से सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिला है।

भाटी ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना का बेहतर प्रबंधन किया। उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के साथ-साथ एनएनएस, एनसीसी तथा स्कॉउट एवं गाइड के विद्यार्थियों ने कोरोना के विरूद्ध जनजागरण अभियान में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बीसलपुर परियोजना से जल आपूर्ति होने से राजस्थान विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों की जल समस्या का स्थायी समाधान होगा।

राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के करीब 28 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों की अरसे से चली आ रही मांग पूरी होगी।

किसान कर्जमाफी के लिए आंदोलन करेगी भाजपा: डॉ. पूनियां

-सभी देशवासियों के लिए गर्व की बात है वैक्सीन पर भारत लिखा हुआ है: डाॅ. सतीश पूनियां

-मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में सर्वे संतु निरामया की भावना के साथ देशवासियों को वैक्सीनेशन का लाभ दिया जाएगा: डाॅ. पूनियां

संपूर्ण किसान कर्जमाफी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा आगामी दिनों में प्रदेशभर में कर सकती है आंदोलन

जयपुर। कांग्रेस पार्टी के द्वारा दिसंबर 2018 के चुनाव से पहले 10 दिन में किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने का दावा किया था, लेकिन कुछ ही किसानों का कर्ज माफ हुआ और उसके बाद भी किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब किसान कर्जमाफी को लेकर भारतीय जनता पार्टी राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की तैयारी कर रही है।

वैक्सीनेशन को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में कोरोना की चुनौतियों से मजबूती से मुकाबला किया जा रहा है, सीमित संसाधनों के बावजूद भी जनसमर्थन के सहयोग से कोरोना संक्रमण का मुकाबला किया गया।

भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश है, जहां इतनी बड़ी आबादी को वैक्सीनेशन का लाभ मिलेगा। सुखद बात है कि जिस पर भारत लिखा होगा, सर्वे संतु निरामया, इस भावना के साथ भारत के लोगों को वैक्सीनेशन का लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए लोगों द्वारा दिए जा रहे अंशदान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि भगवान श्रीराम में असंख्य करोड़ों भारतीयों की आस्था है, जिससे जो सहयोग बन पड़ेगा हम सभी लोग अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करेंगे, कांग्रेस का काम सिर्फ राजनीति करना है वह इस मामले पर भी राजनीति कर रही है।

संपूर्ण किसान कर्जमाफी को लेकर भाजपा आगामी दिनों में प्रदेशभर में कोई आंदोलन करेगी, इसको लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डाॅ. पूनियां ने कहा कि संपूर्ण किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता, लंबित भर्तियां, बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था, ऐसे मुद्दे हैं जिन पर राजस्थान की जनता पूरी तरीके से उद्वेलित है, आक्रोश में है।

गहलोत सरकार ने ढाई वर्ष विभिन्न चुनावों में निकाल दिए, उनकी नीयत सही होती तो पंचायतीराज के चुनाव समय पर कराते और किसानों और युवाओं से जो वादे किए थे उनको पूरा करते, लेकिन उन्होंने वादाखिलाफी की है।

भाजपा आगामी दिनों में इन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर सकती है, इससे पहले भी भाजपा इन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर गहलोत सरकार को जगाने का कार्य कर चुकी है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है, जिसका जनहित से कोई सरोकार नहीं है।

उत्तर भारत का सबसे बड़ा लेमिनेट ग्लास प्लांट जयपुर में शुरू

-पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने फीता काटकर किया शुभारंभ। नई यूनिट में बुलेट प्रूफ समेत कई तरह के लेमिनेट ग्लास होंगे तैयार।

जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में शुक्रवार को एक और अध्याय जुड़ गया। शहर के रामचंद्रपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में उत्तर भारत का सबसे बड़ा लेमिनेट सेफ्टी ग्लास प्लांट प्रारंभ हो गया। अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया प्रा. लि. के यूरोपियन टेक्नोलॉजी पर आधारित प्लांट में बुलेट प्रूफ समेत कई तरह के ग्लास तैयार होंगे।

मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने फीता काटकर नई यूनिट का उद्घाटन किया। सराफ ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया प्रा. लि. पिछले पांच साल से टफन्ड ग्लास और इन्सुलेटेड ग्लास का मेक इन इंडिया के तहत उत्पादन कर रही है। इस नए प्लांट से बड़ी संख्या में रोजगार उत्पन्न होने वाले हैं।

कंपनी के निदेशक महेश अग्रवाल ने बताया कि हम ग्राहकों की संतुष्टि के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। निरंतर सुधार और विस्तार की प्रक्रिया के तहत हमने इस यूनिट-2 की स्थापित किया है। इसमें ग्राहकों की मांग और सरकार के ईसीबीसी नॉर्म्स के हिसाब से लेमिनेट सेफ्टी ग्लास का उत्पादन होगा।

इस नई यूनिट में उच्च गुणवत्ता के यूरोपियन टेक्नोलॉजी के आधार पर लेमिनेशन लाइन का इन्सटालेशन किया गया है। उद्घाटन अवसर पर कंपनी के निदेशक राजेश अग्रवाल और मयूर अग्रवाल भी मौजूद रहे।

लेमिनेटेड ग्लास की पूरी रेंज का उत्पादन
अग्रवाल ने बताया कि प्लांट का फर्नेस इलेक्ट्रिक इफिशन्ट एनर्जी सेविंग मोड पर कन्वेक्शन सिस्टम पर कार्य करता है। जहां तक प्लांट में उत्पादन की बात है तो हम सेफ्टी ग्लास जैसे पीवीबी लेमिनेटेड, सेंट्री प्लस लेमिनेटेड, कलर लेमिनेटेड, ट्रिपल लेमिनेटेड, क्रैकल ग्लास और बुलेट प्रूफ ग्लास तैयार करेंगे।

अग्रवाल कहते हैं कि हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हम अपनी प्रक्रिया में निरतंर सुधार और विस्तार करते हुए ग्राहकों को पूर्ण संतुष्ट कर पाएंगे।

छोटे-छोटे ग्लास के टुकड़ों से मिलेगी मुक्ति
यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा साइज का ग्लास उत्पादन करने वाला पहला प्लांट है। इस प्लान्ट में 3000एमएम गुणा 6000 एमएम साइज तक का ग्लास तैयार हो सकता है यानी अब छोटे-छोटे टुकड़े लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। सीआईआरटी और एआरएआई से उत्पाद की गुणवत्ता को प्रमाणित करवाया जाएगा।

सचिन पायलट उतरे मैदान में तो अशोक गहलोत नहीं आ पाए!

जयपुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलटऔर वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक अदावत जोरों पर चल रही है। आज कांग्रेस की तरफ से जयपुर में बढ़ती कीमतों को लेकर धरना दिया गया जिसमें सचिन पायलट पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नहीं पहुंच पाए।

इससे पहले जुलाई अगस्त 2020 के दौरान जब दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक कल हुई थी। उसके बाद कांग्रेस आलाकमान की तरफ से भले ही दोनों के मध्य सुलह करवाई गई हो, किंतु बावजूद इसके अब तक दोनों के राजनीतिक रिश्ते सामान्य नहीं हो पाए हैं।

संभवत यही बड़ा कारण है कि जहां पर सचिन पायलट पहुंचते हैं, वहां पर अशोक गहलोत जाने से कतराते हैं। क्योंकि सचिन पायलट के ऊपर पहले ही अशोक गहलोत आरोप लगा चुके हैं कि शक्ल सूरत से सुंदर होने और फराटे दार अंग्रेजी बोलने का मतलब यह नहीं है कि आप बुद्धिजीवी हैं। गहलोत के इस बयान से साफ है कि वह सचिन पायलट की सुंदरता और बोलने के लिए जैसे परेशान जरूर हैं।

सचिन पायलट किसी पद के मोहताज नहीं, सैंकड़ों गाड़ियां, हज़ारों की भीड़ देती है गवाही

जयपुर। यूं तो कोई नेता जब सत्ताधारी होता है, तब जनता उसके इर्द-गिर्द भीड़ के रूप में दिखाई देती है, किन्तु लगता है राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट किसी पद के मोहताज नहीं, यह बात पायलट समर्थकों ने गुरुवार को फिर साबित कर दी। पायलट गुरुवार को सीकर जिले के रींगस में शहीद महेश कुमार मीणा की मूर्ति का अनावरण करने पहुँचे थे।

इस दौरान सचिन पायलट का सीकर जाते व्यक्त रास्ते मे हर 5 किलोमीटर पर हजारों कार्यकर्ताओं के द्वारा 50 से अधिक जगह स्वागत किया गया। सचिन पायलट लगभग 400 से अधिक गाड़ियों के काफिले एवं लगभग एक दर्जन से ज्यादा विधायक के साथ रींगस पहुँचे।

सचिन पायलट का यह काफिला जयपुर से हरमाड़ा, राजावास, रामपुरा, जैतपुरा, चौमू, हाडौता उदयपुरिया मोड़, गोविंदगढ़, सिंगोध, डोडसर, सरगोठ, रींगस तक हर जगह हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सचिन पायलट का स्वागत करने के लिए उत्साहित दिखे।

सचिन पायलट किसी पद के मोहताज नहीं, सैंकड़ों गाड़ियां, हज़ारों की भीड़ देती है गवाही 1

पीसीसी के पूर्व चीफ सचिन पायलट को रींगस पहुँचने पर रींगस से गांव लाम्पुंवा तक, जहां शहीद का गांव है, 500 मोटरसाइकिलों के द्वारा एक रैल्ली निकाली गई। कहने का मतलब यह है कि पायलट के जो काफिले जोधपुर, पाली, अजमेर, दौसा, भरतपुर और टोंक जाते वक्त दिखे, वही नजारा यहां दिखा।

पायलट बोले:जिन्होंने सड़क पर लाठियां खाईं, उनको हक मिलना चाहिए

जयपुर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि वसुंधरा राजे की वर्ष 2013 से 2018 वाली सरकार के खिलाफ कांग्रेस के जिन कार्यकर्ताओं ने लाठियां खाई, संघर्ष किया और सत्ता प्राप्त करने के लिए मेहनत की थी, उनको उनका हक मिलना ही चाहिए।

सचिन पायलट ने अपने आवास पर पतंगबाजी करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार लगातार 2023 तक चलेगी और जिस तरह से देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस को मजबूत करने का काम चल रहा है, 2024 में सत्ता प्राप्त करने के लिए कांग्रेस को सभी राज्यों में मजबूत करना होगा।

कांग्रेस के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल के एक दिन पहले जयपुर आने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात करने के सवाल पर पायलट ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने वाला है, राजस्थान को जिस तरह से केंद्र सरकार के द्वारा आर्थिक मदद नहीं दी जा रही है, उसको सदन के भीतर उठाने के लिए चर्चा करने के लिए जयपुर आए थे।

इसके साथ ही सचिन पायलट ने राजस्थान की भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच चल रही किसान को लेकर कहा कि कुछ लोग होते हैं जो संघर्ष करते हैं, सत्ता प्राप्त करने के लिए मेहनत करते हैं, संगठन को मजबूत करते हैं और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो केवल नंबर बढ़ाने का काम करते हैं।

पायलट ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा जो तीन कृषि कानून बनाए गए उनके ऊपर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो आदेश दिया गया है, उसको लेकर किसान संगठन संतुष्ट नहीं हैं और इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार की नीति साफ नहीं है, देश की जनता किसानों के साथ है, सुप्रीम कोर्ट को उसी के अनुसार फैसला लेना चाहिए।

1 दिन पहले ही उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा के द्वारा कहा गया था कि मैदान में सचिन पायलट यह किरोड़ी लाल मीणा किसी को भी उतारने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, जनता जिस को वोट देती है वही असली राजा होता है। इस पर सचिन पायलट ने कहा कि किसके उतरने से जनता में प्रभाव पड़ता है और किस के मैदान में उतरने से प्रभाव नहीं पड़ता है, इस बात का फैसला खुद जनता करती है, किसी के कहने से कुछ नहीं होता है।

शिकायत में जुटे वसुंधरा खेमे के नेता, डॉ पूनियां को मिला फ्री हैंड!

जयपुर। पिछले दिनों 50 नगर निकाय के चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी को आशा अनुकूल सफलता नहीं मिलने की बात कहकर राजस्थान में वसुंधरा राजे खेमे से माने जाने वाले कई नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से प्रदेश नेतृत्व की शिकायत की है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि शिकायत करने वाले नेताओं में जयपुर के 2 मौजूदा विधायक, एक पूर्व विधायक और दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं। सूत्रों की माने तो भाजपा नेतृत्व को प्रदेश नेतृत्व के द्वारा निकाय चुनाव में टिकट बंटवारा सही नहीं किए जाने और कद्दावर नेताओं को मैदान में नहीं उतारे जाने की शिकायत की गई है।

भाजपा के दिल्ली सूत्रों का दावा है कि भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, विधायक कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी और पूर्व विधायक व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के द्वारा केंद्रीय नेतृत्व से राज्य नेतृत्व, खासतौर से अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाते हुए टिकट बंटवारे समेत कई तरह की शिकायत की गई हैं।

इन सभी नेराओं को वसुंधरा राजे खेमे से माना जाता है। शिकायत करने वालों की लिस्ट में कुछ भाजपा कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का नाम भी ले रहे हैं, जिनका बेटा भाजपा के टिकट के बावजूद पिछले दिनों चुनाव हार गया था।

इधर, जानकारी में आया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी दिल्ली पहुंच गई हैं, वह अगले कुछ दिन दिल्ली में ही रहने वाली हैं। इस दौरान उनका जेपी नड्डा से मिलने का भी कार्यक्रम है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर दिल्ली गए थे।

उस दौरान वसुंधरा खेमे के नेताओं के द्वारा जो शिकायतें की गईं, उनको लेकर भी चर्चा हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि इन तमाम चारों टॉप नेताओं को वसुंधरा राजे समर्थकों के द्वारा हाल ही में “टीम वसुंधरा राजे” नाम से जो एक अलग मंच बनाया गया है, उसको लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बातचीत की गई है और भविष्य की रणनीति पर गहनता से चर्चा की गई है।

उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले ही एक निजी टीवी चैनल के संवाददाता के साथ बात करते हुए राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा था कि टिकट बंटवारे में छोटी-मोटी गड़बड़ नहीं होती तो निकाय चुनाव में भाजपा और ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकती थी।

इससे पहले सोमवार को देर शाम राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया से उनके घर पर करीब करीब एक घंटे तक मुलाकात की थी, जिसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

बहरहाल उक्त नेताओं के द्वारा अगर शिकायत की गई है और तो उसका परिणाम भविष्य में क्या होगा, यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगा। किंतु इतना तय है कि राजस्थान भाजपा में जिस तरह से संघनिष्ठ अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां के द्वारा बड़े पैमाने पर संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं।

उनके द्वारा ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकट देकर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है, जो बरसों से पार्टी और संघ के प्रति जिम्मेदार रहते हुए बिना किसी लोभ या लालच के संगठन की सेवा कर रहे थे, किंतु एक विशेष गुट के द्वारा पिछले करीब डेढ़ दशक से उनको आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया गया था।

इससे साफ है कि सतीश पूनिया की कार्यप्रणाली को लेकर भले ही राज्य के कुछ कथित बड़े नेताओं के दिक्कत हो, किंतु आम कार्यकर्ता बेहद खुश हैं।

कहा जा रहा है कि पिछली मीटिंग में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनाव परिणाम को देखकर प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया को इस माह की 28 तारीख को होने वाले 90 नगर निकाय के चुनाव, उसके बाद तीन जगह पर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के साथ ही 12 जिलों में होने वाले पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनाव के लिए भी फ्री हैंड दे दिया गया है।

Video: BTP विधायक ने डॉक्टर को जड़ा चांटा, डॉक्टर्स में रोष

जयपुर। राजस्थान में भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक रामप्रसाद डिंडोर ने एक सरकारी डॉक्टर को यह आरोप लगा चांटा जड़ दिया कि डॉक्टर ने रिश्वत मांगी है, जबकि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में डॉक्टर्स में भारी रोष है।

अरिस्दा अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी ने लिखित बयान में कहा है, सुना पढ़ा है, विकृत मानसिकता की नहीं होती सभ्य समाज में कोई जगह, तो फिर मानवता के मंदिर चिकित्सालय में जंगली आचरण करने वाले इस प्रकार की राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति का राज्य के सर्वोच्च लोकतांत्रिक सदन में होना एक अभिशाप नहीं। क्या यह सदन के सदस्य की गरिमा के अनुरूप आचरण है। क्या लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि का उच्च मूल्य वाला नैतिक चरित्र यही है? वीडियो-

उन्होंने ने लिखित बयान जारी कर कहा है, स्तब्ध है! यह कैसा “जंगल-राज”?
संविधानिक पद को धारित किए बैठे एक व्यक्ति का यह आचरण “पाषाण-युग” की याद दिला रहा है। अपराधी को तत्काल दंड मिले और पीड़ित को न्याय, ताकि नज़ीर हो क़ायम, विश्वास हो बहाल।
सनद रहे, अगर कार्यवाही में विलम्ब या लीपापोती हुयी तो राज्य के चिकित्सको के आक्रोश से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के लिए शासन ही उत्तरदायी होगा।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बीटीपी विधायक रामप्रसाद डिंडोर एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को थप्पड़ जड़ते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि डॉक्टर को विधायक ने रिश्वत का आरोप लगा चांटा मार दिया था, इसका वीडियो वायरल हो गया।

दौसा-बांदीकुई एसडीएम -5-5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने एज एकसाथ दो एसडीएम को 5-5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। घूसखोर बांदीकुई SDM पिंकी मीणा 5 लाख रुपये की राशि के साथ ट्रैप हुई है।

दौसा-बांदीकुई एसडीएम -5-5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार 2
एसडीएम पिंकी मीणा

इसके साथ ही दौसा SDM पुष्कर मित्तल भी 5 लाख रुपये की राशि के साथ ट्रैप किया गया है। एसीबी डीजी ने बताया कि दोनों को 5-5 लाख की रिश्वत लेते ट्रैप किया गया है। DG बीएल सोनी व ADG दिनेश एमएन के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई हुई है। कार्रवाई को अंजाम ASP नरोत्तम वर्मा व CI नीरज भारद्वाज ने दिया है।

अभी एसीबी इस मामले में पूछताछ कर रही है। बता दें कि पिछले साल भी एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की थीं। सीनियर आईपीएस दिनेश एमएन ने एडीजी बनने के बाद से कई बड़े भ्रष्टाचारियों को दबोचा है।

बताया जा रहा है कि दोनों ही एसडीएम (पुष्कर मित्तल और पिंकी मीणा) सड़क निर्माण के पेटे मांग रहे थे। दोनों को एसीबी कई दिनों से ट्रेस कर रही थी, आज उनको ट्रेप कर दबोचा गया है।