जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली।

मदन लाल सैनी को फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण पिछले दिनों एम्स में भर्ती करवाया गया था। सैनी को 2018 में ही भारतीय जनता पार्टी राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।

शुक्रवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एम्स में पहुंचकर मदन लाल सैनी के हालचाल जाने थे। फेफड़ों में इन्फेक्शन होने के कारण उनको बीते दिनों दिल्ली एम्स में भर्ती करवाया गया था।

जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि आज करीब 7:00 बजे बीजेपी अध्यक्ष ने अंतिम सांस ली। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत सभी भाजपा नेताओं ने सैनी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

बता दें कि मदन लाल सैनी को भाजपा के द्वारा 2017 में राज्यसभा सांसद बनाया गया था, जबकि 2018 में उनको अशोक परनामी की जगह बीजेपी की कमान सौंपी गई थी।

हमेशा निर्विवाद रहे मदन लाल सैनी लंबे समय से संघ के सदस्य रहे हैं। उन्होंने भारतीय किसान संघ के अलावा भारतीय मजदूर संघ में रहकर लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।

निर्विवाद होने के कारण ही मदन लाल सैनी को तब साल 2018 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी, जब राज्य में वसुंधरा राजे में और आलाकमान के बीच टकराव के चलते प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली रहा था।

इससे पहले मदन लाल सैनी झुंझुनू के उदयपुरवाटी से एक बार विधायक रह चुके हैं। 1991 में वह भाजपा के जिलाध्यक्ष से सीकर जिले की मालियों की ढाणी के रहने वाले मदनलाल सैनी राजनीति में आने से पहले भारतीय मजदूर संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे।

1990 में उदयपुरवाटी से उन्होंने चुनाव लड़ा और विधायक बने। उसके 1 साल बाद ही उनको बीजेपी ने झुंझुनू का जिला अध्यक्ष बनाया था।

बाद में संगठन में पदोन्नत होते हुए प्रदेश मंत्री और जिला अध्यक्ष बने। ओम प्रकाश माथुर के कार्यकाल में प्रदेश महामंत्री रहे साधारण जीवन शैली अपनाने वाले सैनिक बस में ही सफर किया करते थे।

एक आम कार्यकर्ता की तरह रहते हुए मदन लाल सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सैनी को भारतीय जनता पार्टी ने झुंझुनू से 1993 और 1999 में लोकसभा का चुनाव लड़ाया, लेकिन दोनों ही बार उनको शीशराम ओला के सामने हार का सामना करना पड़ा।