harkesh meena crime news
harkesh meena .....sajjanbai ke pati

Jaipur News.

-मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जानकारी में भी

राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा द्वारा प्रत्याडित करने पर एक विवाहिता की मौत आरोप लगाया गया है। साथ ही पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।

पीड़िता के पति का आरोप है कि भाजपा की सरकार के समय महवा के सलेमपुर में एक नाला निर्माण के विवाद में विवाहिता को मौके पर मौजूद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने इस कदर प्रताड़ित किया कि वह नाले में गिरकर घायल हो गईं, जिसकी बाद में 2 जनवरी 2019 को मौत हो गई।

मृतका सज्जनबाई मीणा के पति हरकेश मीणा ने आरोप लगाया है कि 20 अक्टूबर 2018 उनकी पत्नी के साथ सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मारपीट की थी। आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन ने कुछ नहीं किया, लेकिन एक जनवरी 2019 को जब सज्जनबाई की मौत हुई तब राज्य में सरकार बदल चुकी थी।

प्रदेश में संवेदनशील कहलाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार बनी तो उनको उम्मीद जगी, लेकिन हरकेश मीणा का कहना है कि उनको मलाल इस बात का है कि दो माह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिला है।

यह है आरोप
हरकेश मीणा ने जयपुर में मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताते हुए बताया कि 20 अक्टूबर 2018 को दोपहर में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के समर्थक जेसीबी लेकर बाड़ा बुजुर्ग गांव उसके घर आए और घर के सामने पड़ी मिट्टी को जेसीबी से भरने लगे।

घर के सामने से मिट्टी भरने की मना किया तो उन्होंने सांसद को फोन कर मौके पर बुला लिया। आते ही डॉ. किरोड़ीलाल ने हरकेश पर हमला बोल दिया। बीच बचाव करने उसकी पत्नी सज्जनबाई आईं तो उसके साथ भी मीणा ने अभद्रता की और उसके कपड़े फाड़ दिए।

वह नाले में गिरकर चोटिल हो गई। 20 अक्टूबर 2018 को ही किरोड़ीलाल मीणा व उसके समर्थकों के खिलाफ दौसा जिले के सलेमपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी, जिसकी जांच सीआईडीसीबी कर रही है।

हरकेश का कहना है कि उसकी पत्नी ने कोर्ट में 164 के बयान भी दर्ज करा दिए थे, लेकिन सांसद किरोड़ी के रसूख के आगे अभी तक पुलिस मौन साधकर बैठी रही, जबकि सार्वजनिक रूप से उसकी पत्नी सज्जन बाई की लज्जा भंग करने के प्रयास के बाद वह गहरे सदमें व अवसाद की शिकार हो गई थी, हमेशा जो घटना के बाद चारपाई से चिपककर रोती रहती थी।

इस दौरान उसकी एक जनवरी 2019 उसकी को मौत हो गई। हरकेश मीणा का आरोप है कि मौत के बाद भी जांच एजेंसियों ने दिवंगत पत्नी व परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है।

हरकेश का कहना है कि किरोड़ीलाल मीना के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई अमल में नहीं आने से उनके परिवार को प्रभाव का इस्तेमाल कर परेशान किया जा रहा है। उनके ऊपर किरोड़ी मीणा राजीनामें का दबाव बनाकर भय पैदा कर रहे हैं। इससे उनके व परिवार की जान को खतरा बना हुआ है।

हरकेश मीणा ने मांग की है कि डॉ. किरोड़ी मीणा के खिलाफ दर्ज मामलों की गहनता से जांच की जाए, जिससे आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि मुझे इसलिए अपील करनी पड़ रही है कि इससे किरोडीलाल मीणा के दूसरे कारनामे सार्वजनिक नहीं होने से वो लगातार लोगों को टारगेट करने में सफल हो जाते हैं।

हरकेश ने मांग करते हुए कहा कि उनकी दिवंगत पत्नी और परिवार के साथ की गई किरोड़ी की हरकत की उसे सजा मिले, नहीं तो उसका परिवार किसी भी प्रकार का कदम उठा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। कार्रवाई नहीं हुई तो पीडि़त अपने परिवार के साथ जयपुर में डेरा डालेगा।

मुकदमें दबा दिए या सरकार ने वापिस ले लिए

हरकेश का कहना था कि ऊंचे रसूख के चलते डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बदमाशों को संरक्षण दे देते आ रहे हैं। जिससे पुलिस चाहते हुए भी बदमाशों पर अंकुश नहीं लगा पाती।

अगर कोई पीडि़त पत्रकारों के पास जाकर इसके काले कारनामें उजागर करता है तो पत्रकारों के पास भी अपने लोगों को भेजकर धमकी दिलाई जाती है। फिर भी यदि कोई नहीं मानता तो पत्रकारों को पिटवाकर या झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनको भी डराया—धमकाया जाता है।

कई साल पहले दौसा में एक प्रतिष्ठित अखबार के पत्रकार को इसके खिलाफ खबर छापने पर आफिस से घर आते समय रात को जानलेवा हमला कराने में इनका ही हाथ बताया जा रहा है। हरकेश ने आरोप लगाया है कि कई महिने पहले छात्र नेता नरेश मीणा पर भी हमला इन्हीं के समर्थकों ने राजनीतिक द्वेषता से दिन दहाड़े किया।

उन्होंने मीडिया के सामने साक्ष्य पेश करते हुए बताया कि डॉ. किरोड़ी के खिलाफ बलात्कार जैसा संगीन मामला दर्ज हो रखा है। इसके बाद पीडि़त महिला व उसका परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।

हरकेश ने बताया कि ये मुकदमें दर्ज हैं किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ

-मु. न. 511, तारीख 06.12.13, धारा 188 283, थाना अशोकनगर जयपुर दक्षिण, नतीजा चार्जशीट न. 133/15 तारीख 19.12.15


-मु. न.386, तारीख 23.9.14, धारा 323 341 354, थाना अशोकनगर जयपुर दक्षिण, नतीजा एफआर न.09/15 तारीख 20.01.15


-मु. न.456, तारीख 30.12.09, धारा147 186 187 188 189 283 353, थाना सोडाला जयपुर दक्षिण, नतीजा प्रकरण सं. 456/09 का अनुसंधान सीआईडी सीबी राज0 जयपुर पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा किया

मु. न.145, तारीख 08.12.86, धारा 147 149 436 427, थाना महवा जिला दौसा, नतीजा चालान

मु. न.96, तारीख 07.10.84, धारा 147 148 149 332 353, थाना महवा जिला दौसा, नतीजा चालान

मु. न.273, तारीख 22.12.92, धारा 147 148 149 332 353, थाना महवा जिला दौसा, नतीजा एफआर

मु. न.61, तारीख 10.09.84, धारा 147 448 186, थाना मण्डावर दौसा, नतीजा चालान न्यायालय पेश


-मु. न.97, तारीख 03.11.85, धारा 147 341 325 336 353 332, थाना मण्डावर दौसा, नतीजा चालान न्यायालय पेश


-मु. न.127, तारीख 30.04.08, धारा 147 148 149 342 323 379 452 , थाना मानपुर दौसा, नतीजा प्रकरण पेंडिंग


-मु. न.129, तारीख 30.04.08, धारा 147 148 149 332 353 336 342 435 120ड्ढ, थाना मानपुर दौसा, नतीजा डॉ किरोड़ी लाल सहित एक दर्जन लोगों के खिलाफ प्रकरण पेंडिंग


-मु. न.369, तारीख 29.12.13, धारा 353 341 332 323 504 120ड्ढ, थाना रामगढ़ पचवारा दौसा, नतीजा एफआर पेश न्यायालय


-मु. न.283, तारीख 09.05.09, धारा 143 188, थाना कोतवाली दौसा, नतीजा धारा 143 149 188 283 341 में सीआईडीसीबी द्वारा अपराध प्रमाणित


-मु. न.162/10, तारीख 30.03.10, धारा 143 283 8ड्ढ, थाना कानोता जयपुर पूर्व, नतीजा चार्जशीट 09/15 तारीख 20.01.15


-मु. न.48, तारीख 30.08.10, धारा 147 149 336 337 150 151, थाना जी आर पी अलवर, नतीजा प्रकरण पेंडिंग पुलिस अनुसंधान जारी


-मु. न.7, तारीख 09.04.12, धारा 147 149 336 117, थाना जी आर पी बाँदीकुई, नतीजा डॉ किरोड़ी लाल द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट


-मु. न.165, तारीख 22.07.12, धारा 147 148 149 336 332 353 395 307 452 114 120ड्ढ, थाना सपोटरा करौली, नतीजा अनुसंधान लंबित

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।