-स्थानीय निकाय चुनाव में राजस्थान भाजपा 92 प्रतिशत से अधिक वार्डों में चुनाव चिन्ह् पर चुनाव लड़ेगी, शेष में निर्दलियों को समर्थन।
जयपुर।

खुद को सर्वस्पर्शी और सर्वहितकारी कहने वाली भाजपा आज भी मुसलमानों के लिए सर्वस्पर्शी नहीं बन पाई है। भाजपा ने राजस्थान के निकाय चुनाव में 92% सीटों पर ही उम्मीदवार घोषित किए हैं। मज़ेदार बात यह है कि जिन 8 प्रतिशत सीटों पर बीजेपी ने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं, उनमें वो इलाके हैं, जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं। पार्टी ने कहा है कि वहां पर भाजपा के पास मजबूत मुसलमान उम्मीदवार नहीं हैं।

भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में 49 निकाय के 2105 वार्ड में से 1943 वार्ड में अपने चुनाव चिन्ह् पर चुनाव लड़ने का निर्णय किया।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां की अध्यक्षता में एवं प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर के मार्गदर्शन में लगातार 5 दिन तक उक्त निकायों के प्रभारियों व संगठन प्रमुखों के साथ लगातार बैठके कर व्यापक विचार-विमर्श कर उक्त निर्णय लिया।

भारतीय जनता पार्टी ने 162 वार्डाें में वहां के सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुये निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन करने का भी निर्णय लिया।

भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में अधिकांश वार्डाें में युवा कार्यकर्ताओं और नये चेहरों को प्राथमिकता प्रदान की।
भाजपा के निकाय चुनाव समन्यव के प्रमुख पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत व प्रदेश महामंत्री वीरमदेव सिंह ने सभी निकायों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया कि पार्टी के प्रत्याशियों ने भारी उत्साह व जनसमर्थन के बीच नामांकन पत्र प्रस्तुत किये।

भाजपा ने महिला कार्यकर्ताओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन-जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के युवा कार्यकर्ताओं को अधिकांश स्थानों पर प्रत्याशी बनाने में प्राथमिकता प्रदान की।

भाजपा ने सभी 49 निकायों में भाजपा के चुनाव प्रभारी, महिला वर्ग प्रभारी, युवा वर्ग प्रभारी एवं अनुसूचित जाति व जन-जाति, किसान मोर्चा के प्रभारी नियुक्त कर चुनाव अभियान को प्रारम्भ करने का निर्णय किया है।

भाजपा ने अल्पसंख्यक वर्ग में भी प्रत्याशियों का चयन कर चुनाव अभियान की विशेष रणनीति तैयार की है। लेकिन इसी जगह भाजपा मात खाती हुई दिखाई दे रही है।

हाल ही में धारा 370 हटाये जाने के बाद और उससे पहले तीन तलाक के कारण भाजपा के मुसलमान कैडर में कमी आई है। इसी को देखते हुए बीजेपी को दिक्कत हो रही है।