विरोध, हारने के ड़र और जिला प्रमुख में फंसे टिकट

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जयपुर।

भाजपा द्वारा पहली सूची जारी करने के बाद तीसरे दिन भी राजधानी की उन 9 सीटों के लिए जोड़तोड़ जारी रहा, जिनका पहली सूची में नाम नहीं है। 2 सीटों पर कैबिनेट मंत्री, एक पर पार्टी में बगावत, एक पर कांग्रेस विधायक, 5 सीटों पर आरक्षण के चलते उम्मीदवार तय कर पाना पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

मालवीय नगर, झोटवाड़ा, बगरू, दूदू, सांगानेर, चाकसू, बस्सी, जमुवारामगढ़ और कोटपूतली की सीट पर भाजपा अपने उम्मीदवार नहीं उतार पा रही है। सांगानेर से विधायक घनश्याम तिवाड़ी अपनी पार्टी बनाकर नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं।

यहां पर पार्टी में करीब आधा दर्जन नेता दावेदारी जता रहे हैं। मालवीय नगर से चिकित्सा मंत्री कालीरण सराफ का भ्रष्टाचार में नाम आने के कारण विरोध के स्वर तेज हैं। बताया जा रहा है कि खुद आरएसएस ही उनको टिकट देने के मूड में नहीं है।

झोटवाड़ा से राजपाल सिंह के टिकट को लेकर आलाकमान निर्णय नहीं ले पा रहा है। बगरू में से कैलाश वर्मा का गांवों में विरोध भारी पड़ रहा है। यहां पर तीन-चार उम्मीदवार लॉबिंग में जुटे हुए हैं। दूदू से प्रेमचंद बैरवा का टिकट काटकर किसी अन्य को दिया जाना निश्चित बताया जा रहा है।

कांग्रेस की ओर से यहां पर बाबूलाल नागर को टिकट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में पार्टी कोई दमदार चेहरा उतारना चाहती है। चाकसू से भी चेहरा बदलने की चर्चा जोरों पर है। बस्सी रिजर्व सीट जरूर है, लेकिन यहां पर मीणा उम्मीदवार की तलाश पूरी नहीं हो पाई है।

यही हाल जमुवारामगढ़ की है, यहां के वर्तमान विधायक कन्हैयालाल को जिला प्रमुख बनाए जाने की संभावना है, तो कोटपूतली एकमात्र ऐसी सीट है, जिसको जयपुर में जिले में जीतने में कांग्रेस 2013 में कामयाब हो पाई थी।

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