जयपुर।

राजस्थान में 99+1=100 सीटों पर जीत हासिल कर भले ही कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने जा रही हो। लेकिन सत्ता से बेदखल यही भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस ने नहीं, बल्कि उसकी ही कर्मा नियर बाय है।

राजस्थान के मतदान में 199 सीटों पर होठों में से कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में बहुत बड़ा अंतर नहीं है। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जहां 12202990 वोट प्राप्त किए हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कुल 12040512 मत हासिल किए हैं।

इस तरह से देखा जाए तो कांग्रेस की जीत और भारतीय जनता पार्टी की हार के बीच केवल 162478 वोटों का अंतर है। मजेदार बात यह है कि पूरी भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस पार्टी ने नहीं हरवाया, बल्कि उस एक नई तकनीक ने हराया है, जिसको लेकर दोनों ही पार्टियों से नाखुश लोग खुश हैं।

यह तकनीकी विकल्प अब राजनीतिक पार्टियों के लिए बड़ी परेशानी का सबक बन गया है। मजेदार बात यह है कि राजस्थान में जहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को कुल 8 लाख 54 हज़ार मत प्राप्त हुए हैं, वहीं किसी को भी नहीं, यानी नोटा को 4.11 लाख वोट मिले हैं, भाजपा-कांग्रेस की जीत-हार के अंतर से करीब तीन गुना है।