hanuman beniwal and jyoti mirdha
hanuman beniwal and jyoti mirdha

रामगोपाल जाट

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच देश में सीधा मुकाबला है, लेकिन राजस्थान की 25 में से 24 सीट नागौर की सीट के सामने हल्की पड़ती नजर आ रही है।

यहां पर एनडीए के हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस पार्टी की ज्योति मिर्धा के बीच महा मुकाबला बन गया है। यानी राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से 1 सीट है जो सबसे हॉट सीट हो गई है।

इससे पहले हनुमान बेनीवाल और ज्योति मिर्धा के बीच 2014 में भी नागौर सीट से मुकाबला हो चुका है, लेकिन तब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सीआर चौधरी थे।

हनुमान बेनीवाल ने यहां पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। तब कांग्रेसी की उम्मीदवार ज्योति मिर्धा और विपक्ष के वोट हनुमान बेनीवाल के बीच बंट गए।

इसका फायदा बीजेपी के प्रत्याशी सीआर चौधरी को मिला। खुद बेनीवाल 2014 में डेढ़ लाख से ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब हुए थे।

गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा चुनाव के ठीक 20 दिन पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के रूप में अपना राजनीतिक दल बनाया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में आरएलपी के टिकट पर 57 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।

जिनमें से खुद बेनीवाल की पार्टी के समेत 57 उम्मीदवारों में से तीन उम्मीदवार विधायक बने। पार्टी ने प्रदेशभर के 57 विधानसभा सीटों पर 8.50 लाख से ज्यादा वोट हासिल किए थे।

पश्चिमी राजस्थान में बेनीवाल का प्रभाव युवाओं में जबरदस्त देखने को मिला था। सम्भवतः इसी कारण भारतीय जनता पार्टी को हनुमान बेनीवाल की ताकत का एहसास हुआ और उन्होंने उनके साथ गठबंधन किया।

इससे पहले कांग्रेस पार्टी भी बेनीवाल के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन नागौर की सीट को लेकर बात नहीं बनने के कारण बेनीवाल ने कांग्रेस को नकार दिया।

हालांकि, उन्होंने बीजेपी का साथ इसलिए दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से पूर्ण बहुमत से प्रधानमंत्री बनाना है और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बीजेपी को बहुमत में लाना है।

अब राजस्थान की बात करें तो यहां पर बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार मानवेन्द्र सिंह हैं, जो 4 माह पहले तक बीजेपी के ही थे। बीजेपी ने यहां पर कैलाश चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।

जोधपुर की सीट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत कांग्रेस उम्मीदवार हैं, बीजेपी ने सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को टिकट दिया है।

झालावाड़ में सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस ने बेहद कमजोर माने जाने वाले प्रमोद शर्मा को टिकट दिया है।

अजमेर से भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक भगीरथ चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बीना काक के दामाद रिजु झुनझुनवाला की टिकट दिया है।

अलवर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बाबा बालक नाथ हैं, तो कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह मैदान में है। इसी तरह से सीकर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व नेता सुभाष महरिया को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से वर्तमान सांसद सुमेधानंद सरस्वती को रिपीट किया है।

जयपुर की बात करें तो जयपुर शहर से बीजेपी ने वर्तमान सांसद रामचरण बोहरा को फिर से मौका दिया है, तो कांग्रेस पार्टी ने जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को मैदान में उतारा है।

जयपुर ग्रामीण में टक्कर दो खिलाड़ियों के बीच है। यहां पर 2004 के ओलंपिक में रजत पदक विजेता खिलाड़ी राज्यवर्धन सिंह बीजेपी के उम्मीदवार हैं, तो कांग्रेस पार्टी ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल विजेता और विधायक कृष्णा पूनिया को टिकट दिया है।

सभी हॉट सीट्स को देखने के बाद सहज ही कहा जा सकता है कि राजस्थान की 25 में से नागौर ही एकमात्र ऐसी सीट है, जहां पर मुकाबला नहीं लोकसभा चुनाव 2019 में महा मुकाबला होने जा रहा है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल को उनके दादा का ड्राइवर और दरी उठाने वाला कार्य करता करार दिया है, तो बेनीवाल ने कहा है कि एक हारी हुई उम्मीदवार को दोबारा हराना भर है, और कुछ नहीं।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या युवा एक बार फिर से हनुमान बेनीवाल पर विश्वास जताते हुए उनको मोदी का सिपहसालार बनाते हैं, या फिर मिर्धा परिवार की इज्जत रखते हुए उनकी लाडली ज्योति मिर्धा को संसद भेजते हैं।

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