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नई दिल्ली।

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के लिए आज का दिन बुरी खबर लेकर आया है। दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने नेशनल हेराल्ड हाउस खाली करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ एसोसिएट जनरल लिमिटेड (AJL) की अपील दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की गई थी।

डबल बेंच ने आज सुबह सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने एजेएल की याचिका खारिज कर दी। अब नेशनल हेराल्ड अखबार के मालिकों को नेशनल हेराल्ड हाउस को खाली करना ही होगा। हालांकि, कोर्ट ने समय सीमा तय नहीं की है कि हेराल्ड हाउस कब खाली करना है?

आपको बता दें 19 फरवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मोदी सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और नेशनल हेराल्ड पेपर के पब्लिशर्स एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के वकील व कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

साथ ही कोर्ट ने दोनों वकीलों से भी अपना लिखित जवाब 3 दिन में कोर्ट के समक्ष दाखिल करने को कहा था। एसोसिएट जर्नल्स ने हेराल्ड हाउस खाली करने के 21 दिसंबर 2018 के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी थी।

आपको बता दें कि एजेएल नेशनल हेराल्ड अखबार की ही कंपनी है। कांग्रेस पार्टी ने 26 फरवरी 2011 को नेशनल हेराल्ड की 90 करोड़ की देनदारी अपने माथे ले ली थी। कंपनी को कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन दिया।

फिर 5 लाख में यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, जिसमें कांग्रेस की तत्लकालीन अध्यक्षा सोनिया व राहुल गांधी की हिस्सेदारी 38-38 फीसदी और शेष हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडीज के पास रखी गई। एजेएल के 10-10 रुपये के 9 करोड़ शेयर यंग इंडियन को दिए। इसके बदले में यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था।