जयपुर।

पहली बार अपनी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हनुमान बेनीवाल चुनाव जीतने के साथ ही राजस्थान की सियासत में एक नया अध्याय जोड़ देंगे। हालांकि, यही इतिहास बीजेपी के पूर्व नेता घनश्याम तिवाड़ी भी रच सकते हैं।

राज्य में खुद की पार्टी का गठन कर चुनाव लड़ रहे हनुमान बेनीवाल न केवल खुद चुनाव जीतने की कगार पर हैं, बल्कि उनके करीब एक दर्जन उम्मीदवार भी जबरदस्त फाइट में हैं, जो विधायक बन सकते हैं।

हनुमान बेनीवाल ने 29 अक्टूबर 2018 को ही, यानी केवल सवा महीने पहले ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया था। इसके तुरंत बाद 5 अक्टूबर को अचार संहिता लागू हो गई और 7 दिसम्बर को मतदान किया गया है।

कल सुबह मतगणना की जाएगी। बेनीवाल की पार्टी के 57 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन उनमें से एक दर्जन चुनाव जीतने की स्थिति में नज़र आ रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो तो बेनीवाल दोहरा इतिहास लिखने में कामयाब हो जाएंगे।

उनकी पार्टी में संघर्ष की स्थिति में नज़र आने वाले भी करीब एक दर्जन अन्य हैं, जो या तो जीत जाएं या सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा पहुंचा रहे हैं। ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर भाजपा को सत्ता में रिपीट होने का मौका मिल जाएगा।

चाहे जो हो, लेकिन हनुमान बेनीवाल पार्टी बनाकर उसके ही टिकट पर जीतने और अन्य उम्मीदवारों को जिताने वाले जरूर बन जाएंगे, वो भी महज एक माह से कम समय में।

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