hanuman beniwal

जयपुर। नागौर से एनडीए के प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए गहलोत को दलित विरोधी करार दिया है।

बेनीवाल ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर ट्वीट कर गहलोत सरकार ने दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है और अलवर में पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक बेनीवाल ने लिखा है कि ‘जिस पुलिस अधीक्षक से प्रत्याड़ित होकर नागौर जिले में दलित पुलिसकर्मी गेनाराम मेघवाल ने परिवार के साथ सामुहिक अत्मदाह किया था, उसको जांच अधिकारी आईजी बीएल मीणा ने संदेह के घेरे में माना, उसी पुलिस अधीक्षक अनिल पारिस देशमुख को अलवर में दलित हितों की रक्षा के लिए पोस्टिंग दे दी गई।’

बेनीवाल ने गहलोत सरकार को घेरते हुए लिखा है कि ‘आखिर सरकार की ऐसा क्या मजबूरी रही? यह निर्णय फिर से साबित करता है कि अशोक गहलोत और कांग्रेस की सरकार दलित समाज के पूर्ण खिलाफ है।’

गौरतलब है कि अलवर के थानागाजी में हुए गैंगरेप के बाद वहां के एसपी डॉ. राजीव पचार को एपीओ कर उनकी जगह पारिस देशमुख को पुलिस अधीक्षक नियु​क्त किया है।

थानागागी में एक दलित दंपत्ति को सुनसान इलाके में पकड़कर पांच युवकों ने पति के सामने ही पत्नी का गैंगरेप किया था, जिसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।