नागौर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया और खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सवालों से हमला बोला है।

अपने दबंग अंदाज़ के लिए मशहूर बेनीवाल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा है जब एसपी राजीव पचार बता चुके हैं कि मामला उनतक पहुंच गया था, तो साफ है कि डीजीपी कपिल गर्ग और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी घटना की जानकारी थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।

बेनीवाल ने कहा है कि जब चुनाव प्रचार चल रहा था, तब रात में 10 मिनट देरी हो जाने पर ही हम पर मुकदमे दर्ज कर लिए जाते थे, कहते थे कि रात में प्रचार क्यों कर रहे हो?

जबकि नागौर में मतगणना स्थल पर स्ट्रांग रूम के कैमरे बन्द पड़े हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की चुपी आखिर क्या साबित करना चाहती है। नागौर की प्रेस वार्ता में पत्रकारों से बात करते हुए बेनीवाल ने कोई सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले और जोधपुर पुलिस आयुक्तलाय क्षेत्र के तिवरी क्षेत्र में 2 महिलाओं पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर देने के मामले को भी सरकार की असफलता करार दिया है।

अलवर की गैंगरेप करने और वीडियो वायरल करने की घटना पर भी बेनीवाल ने सरकार को नकार बताया है। बेनीवाल ने कहा कि दलित पर किसी भी गंभीर घटना घटित हो पर उसकी सूचना तुरन्‍त प्रभाव से पुलिस महानिरीक्ष्‍ाक (पुनर्गठन) राज.,जयपुर पुलिस महानिरीक्ष्‍ाक सीआईडीसीबी अपराध शाखा और गोपनीय शाखा जयपुर पुलिस महानिरीक्ष्‍ाक प्रशासन राज. जयपुर को देने का प्रावधान है।

यह बात सदन में राज्य के गृह मंत्री कई बार कह चुके हैं, इसका मतलब साफ है की अलवर गेंग रेप प्रकरण की जानकारी पुलिस मुख्यालय को थी, उसके बावजूद अलवर के गैंग रेप प्रकरण को डीजीपी ने दबाया गया।

अलवर में अनिल परिस देशमुख की नियुक्ति को लेकर भी बेनीवाल ने उठाये हैं। कहा जो व्यक्ति खुद के विभाग में कार्यरत दलित कार्मिक के परिवार की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है, उसे दलितों का रक्षक बनाकर अलवर भेजना शासन की नीयत पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

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