नई दिल्ली।

समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में खनन पट्टे जारी करने के मामले को लेकर आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला (B. Chandrakala) ने ऐसे राज हो गए हैं, जिसकी वजह से कई सफेदपोश नेता जेल जा सकते हैं।

2008 बैच के आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला ने सीबीआई की पूछताछ में बताया कि उनको ऊपर से निर्देश मिलते थे कि खनन पट्टे जारी करने के मामले में अपनी आंखें बंद रखो और काम करते जाओ।

हालांकि बी चंद्रकला ने सीबीआई के सामने खुद को बेकसूर साबित करने में की कोशिश की, लेकिन ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं दे सकी। जिसके कारण उनको कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता है। ऐसे में सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

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आपको बता दें कि हमीरपुर में 2014 से 2016 के बीच खनन पट्टे जारी करने के मामले को लेकर 60 मोरंग के अवैध पट्टे जारी किए गए थे। जिस वक्त खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति सक्रिय रूप से भागीदार थे।

शुक्रवार को सीबीआई के द्वारा उत्तर प्रदेश के 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। जिसमें लखनऊ की स्थिति बी चंद्रकला के आवास पर भी छापा डालकर कई अहम दस्तावेज जबकि गए थे।

बेनामी संपत्ति के अंदेशे के चलते बी चंद्रकला के लॉकर खोले गए, जिनमें 2 किलो सोना समेत कई एम सुराग हाथ लगे हैं। सीबीआई ने ऐसी तमाम प्रमाण अपने पास रख लिए हैं जो चंद्रकला की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी हैं।

सीबीआई के द्वारा की गई पूछताछ में बी चंद्रकला ने यह भी बताया है कि अवैध खनन के काली कमाई में से सफेदपोश नेताओं के अलावा कई अधिकारियों में भी हिस्सा बंटता था। बताया जा रहा है कि सीबीआई प्रारंभिक जांच में ऐसे सभी दस्तावेज और बयान जुटा चुकी है।

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि बी चंद्रकला ने पिछले दिसंबर के दौरान ही तेलंगाना में एक रोड खरीदा है, जो मल्काजगीरी जिले की लिस्ट कल्याणपुर में स्थित है। इसकी 27 दिसंबर को ही रजिस्ट्री कराई गई थी।

जिसकी कीमत करीब 22.50 लाख रुपए के आसपास बताई जा रही है। इस बैंक से लोन लेकर खरीदा हुआ दिखाया गया है। चंद्रकला ने अपनी पिछली रिटर्न में उससे पहले का आयकर ब्यौरा नहीं दिया है।

बताया जा रहा है कि बी चंद्रकला से मथुरा में हुई है जवाहर बाग कांड मामले में भी पूछताछ की जा चुकी है। आपको बता दें कि समाजवादी सरकार में डीएम की कुर्सी पर रहने वाली चंद्रकला को जून 2014 में हमीरपुर से हटा कर सीधे मथुरा जैसे बड़े जिले की कमान सौंपी गई थी। 2 जून 2016 को जवाहर बाग में भड़की हिंसा के दौरान वहां की डीएम चंद्रकला आई थी, जिसे सीबीआई ने पूछताछ की थी।

सीबीआई की टीम ने शनिवार को बी चंद्रकला के राजधानी लखनऊ में स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान करीब 6 घंटे तक फ्लैट की तलाशी ली। इससे पहले शुक्रवार को भी सीबीआई ने चंद्रकला के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। उनके सुरागरसी भी की और मुकम्मल तैयारियां के बाद चंद्रकला की नोएडा और लखनऊ की स्थिति पर भी सीबीआई ने छापेमारी की है।

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