Justice ranjan gogoi and justice Bobde
Justice ranjan gogoi and justice Bobde

नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर पर आज सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ अपना अंतिम फैसला सुनाने जा रही है। करीब 135 साल पुरानी इस सबसे बड़े विवाद को लेकर साल 2010 में इलाहबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

लगातार 40 दिन तक चली सुनवाई के बाद आज सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ अपना निर्णय सुनायेगी। अब तक के सबसे बड़े और सबसे विवादित केस के फैसले को देखते हुये पूरे देश सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है।

जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली में सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों की 9 से 11 नवंबर तक छुट्टियां कर दी गई हैं। उसके बाद 12 नवंबर को गुरु नानक जयंति होने के कारण अवकाश रहेगा। इस तरह से देखा जाये तो इन राज्यों में लगातार 4 दिन की छुट्टियां रहेंगी।

इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के लिये शुक्रवार को ही जेड प्लस सुरक्षा कर दी गई है। साथ ही अन्य चार जजों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुरक्षा पुख्ता की गई है।

यहां पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पकड़ने की गतिविधि जारी है। इस बीच देशभर से आई सूचनाओं के अनुसार प्रकरण को देखते हुये शुक्रवार तक ही 500 से ज्यादा उत्पाती लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

अयोध्या मामले में सेना के डीजीपी द्वारा शुक्रवार को अपील करते हुये कहा गया था कि सोशल मीडिया पर उनकी पैनी नजर है और ​अगर किसी ने गलत कमेंट या पोस्ट की, तो उसपर सख्त एक्शन लिया जायेगा।

बताया जा रहा है कि बीती रात को संदिग्ध पाये गये करीब 10 लाख से ज्यादा फेसबुक अकाउंट बंद कर दिये गये हैं। इसके साथ ही लाखों व्हाट्सप ग्रुप भी सस्पेंड किये गये हैं।

राजस्थान के भरतपुर समेत कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। अयोध्या में ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। पूरे यूपी में सभी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। सभी की छुट्टियां निरस्त कर दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि जिस तरह से अब तक देश में सामाजिक सद्भाव का परिचय दिया है, ठीक वैसे ही आगे भी जारी रखें, किसी तरह की कोई अफवाह में नहीं आयें। देश शांति और सोहार्द के लिये जाना जाता है, इसको बरकरार रखें।

सामाजिक संगठनों और धार्मिक संगठनों ने लोगों से सद्भाव रखने की अपील की है। निर्मोही अखाड़ा, रामलला, सुन्नी वक्फ बोर्ड समेत सभी पक्षकारों ने भी लोगों से सोहार्द बनाये रखने की अपील की है।

इधर, देश के सभी मुख्य सचिव और डीजीपी को केंद्र सरकार से निर्देश जारी किये गये हैं। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले की डीएम और एसपी को हाई अलर्ट पर रहते हुये जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बता दें कि अयोध्या मामले में कोर्ट ने पहले सभी पक्षों को समझौता करने का अवसर दिया था, लेकिन बात नहीं बनने पर लगातार 40 दिन तक सुनवाई कर मामले को निपटारे के लिये आगे बढ़ाया है।

अब फैसला जो भी होगा, वह सभी पक्षों को मानना होगा। हालांकि, इस फैसले के बाद कोई पक्ष पुनर्विचार याचिका दायर कर सकता है। याचिका को स्वीकार करना या नहीं करना बैंच के उपर निर्भर करता है।

याचिका को बैंच स्वीकार कर चैम्बर में सुन सकती है, या अपने से उपरी बैंच को भेज सकती है। इसके साथ ही याचिका का निपटारा करते हुये अपने वर्तमान फैसले को ही दुबारा भी सुना सकती है।