Congress Avinash pandey

रामगोपाल जाट@जयपुर।

अप्रैल में संभावित लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए महामंथन शुरू कर रखा है।

इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी की तरफ से राजस्थान की राजधानी जयपुर से उम्मीदवार के तौर पर पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे का नाम सबसे ऊपर आ गया है।

नागपुर से आने वाले अविनाश पांडे की जयपुर में लगातार मौजूदगी और जयपुर से लोकसभा में विधानसभा उम्मीदवारों के साथ नज़दीकियां बता रही हैं कि जयपुर शहर से कांग्रेस पार्टी की तरफ से अविनाश पांडे पहली प्राथमिकता के प्रत्याशी हैं।

जयपुर शहर से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके डॉ रघु शर्मा, यहीं से 2009 में सांसद रह चुके डॉक्टर महेश शर्मा, वर्तमान में राज्य केबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक अमीन कागज़ी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान, अश्क़ अली टाक अविनाश पांडे के खास माने जाते हैं।

इसी तरह से कांग्रेस की मीडिया चेयरपर्सन और हाल ही में मालवीय नगर से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी अर्चना शर्मा के साथ ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के भी बेहद करीबी माने जाने वाले अविनाश पांडे के नाम को लेकर कई तर्कों के साथ गंभीर चर्चा हो रही है।

ब्राह्मण-बनिया उम्मीदवार की खोज के रूप में कांग्रेस के महामंत्री अविनाश पांडे का नाम भी सबसे ऊपर है। फ्रेश होने के कारण भी अविनाश पांडे पार्टी के लिए जिताऊ उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। वैसे भी ब्राह्मण-बनिया मतदाताओं के अलावा मुस्लिम समुदाय है, जिसे कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता है।

हालांकि, जयपुर शहर से दावेदारी जताने वालों में विधायक राजकुमार शर्मा के भाई राजपाल शर्मा, सांगानेर से दिसम्बर में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव हारे पुष्पेंद्र भारद्वाज, मालवीय नगर से चुनाव हारीं डॉ. अर्चना शर्मा समेत करीब आधा दर्जन कांग्रेसी कतार में खड़े हैं।

कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी यह मान रही है कि प्रदेश की 25 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके हाथ से निकल चुकी हैं।

ऐसे में पार्टी मजबूत, दमदार और जिताऊ उम्मीदवार तलाश रही है। इस कतार में डॉ. अर्चना शर्मा, राजपाल शर्मा और पुष्पेंद्र भारद्वाज हल्के पड़ते नज़र आ रहे हैं।

पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि न केवल उनकी यहां पर लगातार रही मौजूदगी, बल्कि ब्राह्मण समाज से आने के अलावा जयपुर के तमाम कांग्रेसी नेताओं के साथ उनके मधुर रिश्तो के चलते पांडे की उम्मीदवारी पुख्ता हो जाती है।

जो नेता जयपुर से उम्मीदवार बनने की जुगत लगा रहे हैं, उनसे भी अगर पार्टी अविनाश पांडे के नाम को लेकर सहमति जताने को कहती है, तो संदेह नहीं किया जा सकता कि कोई भी उम्मीदवार उनके नाम से इंकार कर सकता है।

वैसे भी पार्टी के द्वारा बार-बार कहा जाता रहा है कि हारे हुए उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया जाएगा। साथ ही साथ मौजूदा विधायक को भी किसी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा।

ऐसे में पार्टी के पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा स्वतः ही दौड़ से बाहर हो जाते हैं। हालांकि, राजपाल शर्मा फ्रेश चेहरा हैं और ब्राह्मण समुदाय से आते हैं, लेकिन जनाधार को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं।

वैसे भी जयपुर लोकसभा की सीट भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रहा है। यहां पर साल 2009 में कई बरसों बाद भाजपा को तब जयपुर की लोकसभा सीट गंवानी पड़ी थी, जब पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. महेश जोशी के सामने मात खा बैठे थे।

कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि पार्टी की तरफ से अविनाश पांडे के नाम को लेकर जयपुर शहर से सहमति बन चुकी है। उनको उम्मीदवार बनाए जाने के लिए आलाकमान को नाम भेजा जा चुका है। अब केवल वहां से मोहर लगने का इंतजार बाकी है।

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