Jaipur

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को करीब सवा 12 बजे जोरदार हंगामा होने के बाद 12:53 पर सदन की कार्रवाई को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और पूर्व पंचायती राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ वैशाली नगर में महिला के साथ बलात्कार होने के बाद भी पुलिस के द्वारा कार्यवाही नहीं करने को लेकर मामला उठाया गया।

इस पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि कालीचरण सराफ ने कानून की जानकारी हुए बिना स्थगन प्रस्ताव पर बोला है।

इस पर विपक्ष की तरफ से कालीचरण सराफ और राजेंद्र राठौड़ के साथ सभी बीजेपी के सदस्य खड़े हो गए और कार्यवाही का बहिष्कार करके बाहर निकल गए।

सांकेतिक बहिष्कार के बाद विपक्षी सदस्य वापस आ गए और वापस आने के बाद में पूर्व जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी ने मंत्री से वैशाली नगर वाले मामले में जवाब देने को कहा, लेकिन अध्यक्ष सीपी जोशी ने मना कर दिया।

जिस पर गुस्साए विपक्षी सदस्यों ने जवाब मांगने के लिए नारेबाजी करते हुए रेल में एकत्रित हो गए और वहीं पर धरने पर बैठ गए।

इस दौरान बीजेपी के सदस्यों ने नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने काफी देर तक अध्यक्ष के साथ वार्तालाप की और मंत्री से जवाब देने के लिए कहा, लेकिन अध्यक्ष ने साफ इंकार कर दिया।

इस दौरान सरकार की तरफ से आर यू एच एस संशोधन विधेयक और मॉब लिंचिंग विधायक स्थापित किए गए और 12:53 पर अध्यक्ष ने आधे घंटे के लिए विधानसभा की कार्रवाई को स्थगित कर दिया।