Jaipur

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार का साल 2019 20 का बजट पेश करने के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर तीखा सियासी हमला बोला है।

अशोक गहलोत ने विधानसभा में मीडिया कक्ष में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राजस्थान की जनता गांव, ढाणी का व्यक्ति उनको ही मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट देकर गया था, लेकिन कुछ लोग बिना वजह मुख्यमंत्री के लिए अपना नाम चला रहे थे।

गहलोत ने कहा कि काग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा सही फैसला किया गया और उन को मुख्यमंत्री बनाया गया।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच विधानसभा चुनाव के करीब 1 साल पहले से मुख्यमंत्री पद की होड़ को लेकर बयानबाजियां की जाती रही है।

आज अशोक गहलोत के द्वारा अपनी तीसरी सरकार का पहला बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बात करती हुए एक बार फिर से इस तरह का बयान देना कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी के बीच धड़ों में बंटने की बात को साबित करता है।

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के आज अशोक गहलोत के द्वारा पेश किए बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और आमेर विधानसभा से विधायक सतीश पूनिया ने कहा है कि यह बजट गौर किसान विरोधी गरीब विरोधी और आम जनता के विरोध में पेश किया गया एक नमूना है।

जिसकी जनता को कतई उम्मीद नहीं थी, उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश की जनता को निराश है और सरकार के सामने प्रदेश के विकास को लेकर अगले 1 साल तक के लिए इस बजट के द्वारा कोई रोडमैप दिखाई नहीं दे रहा है।

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि बजट में हमारी योजनाओ का नाम बदल कर सरकार ने हमारे कामो पर मुहर लगा दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कोंग्रेस सरकार ने इस बजट में हमारी योजनाओ का नाम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि बजट में भामाशाह का नाम बदल कर राजस्थान जन आधार कार्ड,ग्रामीण गौरव पथ का नाम बदल कर विकास पथ, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान का नाम बदल कर राजीव गांधी जल संचय योजना, किसान राहत आयोग का नाम बदल कर कृषक कल्याण कोष किया है।

प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्र में अंबेडकर भवन की योजना भी हमारी सरकार की है, इससे ही साबित हो जाता है कि हमारी सरकार की योजनाएँ अच्छी थी। जिन्हें इस सरकार को जारी रखना पड़ा।

राजे ने कहा कि इस सरकार का ये पहला बजट है, जिससे प्रदेशवासियों को बहुत उम्मीदें थी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। न सम्पूर्ण किसानो का सम्पूर्ण क़र्ज़ा माफ़ हुआ न बेरोज़गारों को भत्ता मिला।

कुल मिला कर इस बजट से युवा, महिला, किसान, व्यापारी, ग़रीब यहाँ तक कि आमजन को निराशा ही हाथ लगी है।

बजट को लेकर नर्सिंग कर्मियों के नेता महेश सैनी ने कहा है कि सरकार ने बजट मे रोडवेज एवं रोडवेज कर्मचारियों के साथ धोखा किया है ।

पूर्व सरकार द्वारा रोडवेज कर्मियों के वेतन एवं पेंशन हेतु 45 करोड़ प्रति माह के हिसाब से वर्ष 2018 -19 मे कुल 540 करोड़ रूपये का प्रावधान किया था।

इस सरकार ने बजट इसकी भी घोषणा नही करने से रोडवेज कर्मचारियों को वेतन हेतु तरसना पडेगा।

साथ ही सरकार ने सभी विभागों मे कुल 74000 हजार नई भर्ती करने की घोषणा की गई, परन्तु रोडवेज मे नई भर्ती की घोषणा नही की गई है जबकि रोडवेज मे लगभग 8000 से ज्यादा पद रिक्त है।

भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ राष्ट्रीय महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा है कि रोडवेज कर्मचारी काफी समय से भर्ती की मांग कर रहे हैं।

जबकि पूर्व मे रोडवेज की हडताल के समय उप मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट एवं प्रतापसिंह खाचरियावास परिवहन मंत्री ने रोडवेज कर्मचारियों के सामने यह घोषणा की थी कि हमारी सरकार बनते ही रोडवेज मे नई भर्ती, नई बसों की खरीद और रोडवेज कर्मचारियों को 7वां वेतनमान दिया जायेगा।

परंतु सरकार ने रोडवेज को बजट मे कुछ नही देकर रोडवेज को बंद करने की मानसिकता को दर्शाता है । समस्त रोडवेजकर्मी इस बजट की भर्त्सना करते है।