Jaipur

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया जाएगा।

उनके बेहद नजदीकी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री को कांग्रेसका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा, हालांकि इसके साथ ही उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहने की संभावना भी जताई जा रही है।

पार्टी आलाकमान ने इस मामले में उनसे सहमति ले ली है और यदि सब कुछ सही रहा तो अगले 2 या 3 दिन के भीतर कांग्रेश की कार्यसमिति की बैठक में इस बात पर मुहर लगा दी जाएगी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने इसके साथ यह भी कहा था कि अगले 1 महीने के भीतर पार्टी ओबीसी या दलित समुदाय से किसी व्यक्ति को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपे, साथ ही साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा का नाम भी पीछे हटा दिया गया था।

उसके बाद से पार्टी देश में ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही थी जो निर्विवाद हो और सभी की सहमति उस पर बन सके।

अशोक गहलोत राजस्थान में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने गुजरात और कर्नाटक चुनाव के वक्त राहुल गांधी की नजदीकी काफी चर्चित रही।

बताया जा रहा है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिम्मा संभालेंगे।

इससे पहले यह बात सामने आई थी कि अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाकर प्रमोट किया जा सकता है।

किंतु इस पर अशोक गहलोत ने सहमति नहीं दी बाद में मान मनुहार करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर बने रहने पर मुहर लग गई है।

कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि यह फार्मूला नया नहीं है, इससे पहले भी कई क्षेत्रीय पार्टियों ने इस फार्मूले को आजमाया है।

जिसमें समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की मायावती, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और नवीन पटनायक जैसे व्यक्ति पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर रहते हैं।