Jaipur

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को विधायकों के द्वारा एक्रॉस लगाने के मामले को लेकर जोरदार हंगामा हुआ।

विपक्ष के विधायकों द्वारा और सत्तापक्ष के विधायकों द्वारा यूडीएच उप निदेशक रेणु खंडेलवाल द्वारा जारी एक आदेश को लेकर सारा हंगामा हुआ।

बाद में मीडिया से बात करते हुए भी सदन के बाहर यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि इस मामले को लेकर वह यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल से बात करेंगे और संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यूडीएच विभाग में उपनिदेशक खंडेलवाल के द्वारा सोमवार को एक आदेश निकाला गया। जिसमें कहा गया कि लोकायुक्त के पास जिन अधिकारियों और कुछ अधिकारियों की जांच लंबित पड़ी है, वह जनप्रतिनिधियों के द्वारा लोकायुक्त पर दबाव डाला कर कोई भी गैर कानूनी काम करने के लिए बाध्य नहीं किए जाए।

आदेश में साफ लिखा है कि जो भी अभियंता, कनिष्ठ अभियंता समेत कोई भी अधिकारी, राजसेवक, जनप्रतिनिधियों से दबाव डालने का कार्य करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने खास एईएन, जेईएन जैसे अधिकारियों जिनकी जनता के द्वारा शिकायतों के आधार पर लोकायुक्त में जांच लंबित पड़ी है।

उनको जांच से बरी करवाने, जांच कम करवाने और संबंधित अधिकारी को मनमाफिक पोस्टिंग और निलंबन से बाहर करने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें बेहद आम हो चुकी है।

बताया तो यहां तक जा रहा है कि संबंधित विभाग में ट्रांसफर को लेकर भी जनप्रतिनिधियों के द्वारा दबाव बनाया जाता है, जिसके चलते यह सारा मामला सामने आया है।

इस प्रकरण को लेकर बीजेपी समेत कांग्रेस के अन्य विधायकों ने भी कड़ा एतराज जताया है।

सदन में इसी बात को लेकर खूब देर तक हंगामा होता रहा और यूडीएच मंत्री को जवाब देते नहीं बना।