जयपुर।
राजधानी जयपुर में संचालित सांयकालीन इ​वनिंग अखबार ‘बुलेटिन टुडे’ के कार्यकारी अधिकारी आलोक शर्मा ने सी—स्कीम स्थित ‘होटल शकुन’ में सुसाइड कर लिया।

पुलिस ने अभी भी सुसाइड नोट होने या नहीं होने का खुलासा नहीं किया है। ‘होटल शकुन’ से आलोक शर्मा के शव को पोस्टमोर्टम के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल भिजवाया जा रहा है।

बीती रात को घर नहीं पहुंचने और उनसे मोबाइल पर संपर्क नहीं होने के कारण परिजनों द्वारा पुलिस को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी गई थी। आज दोहपर करीब 12 बजे जब होटल शकुन के प्रबंधन ने पुलिस को इस बात की जानकारी दी, तब सारा राज खुला।

दरअसल, जयपुर से प्रकाशित होने वाले दैनिक सांयकालीन अखबार, ‘बुलेटिन टुडे’ में आलोक शर्मा मुख्य कार्यकारी (CEO) अधिकारी थे, वह बीते कई दिनों से वेतन को लेकर परेशान थे और इसलिए कार्यालय भी नहीं आ रहे थे।

बुलेटिन टुडे अखबार के दोनों निवेशकों और आलोक शर्मा के बीच कर्मचारियों की सेलेरी समेत अन्य खर्चों को लेकर करीब 3 महीने से विवाद चल रहा था, जो अखबार बन्द होने पर बढ़ गया। जिसके कारण बीते 24 जून 2019 से अखबार का प्रकाशन भी बंद हो गया था।

जानकारी के अनुसार अखबार के सभी पत्रकारों और नॉन जर्नलिस्ट स्टाफ को बीते 6—7 माह से तनख्वाह नहीं मिल रही थी। वेतन भुगतान नहीं होने के कारण सीईओ आलोक शर्मा भी दबाव में थे।

इसी बात को लेकर बीते कुछ दिनों से निवेशकों, जिनमें चंद्रा ग्रुप के मालिक ललित धौका, उनके बेटे अमित धौका, कैलाश मोदानी और सीईओ आलोक शर्मा के बीच विवाद हो गया था। अंतत: बीते सोमवार से अखबार की प्रिंटिंग बंद हो गई थी।

इसी के कारण करीब 40 जनों का स्टाफ भी परेशान है। किसी भी कर्मचारी को बीते 6—7 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण तनाव में हैं और वेतन भुगतान की मांग को लेकर कार्यालय आकर जाने को मजबूर हैं।

अभी भी वेतन नहीं मिलने के कारण सारा स्टाफ बीते पांच दिन से अखबार के कार्यालय में आता है और दिनभर बैठकर घर चले जाता है। आलोक शर्मा से लंबे समय तक राजस्थान पत्रिका में भी मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुके हैं।