रोहित चौधरी

आइए जानते हैं इसके प्रमुख लक्षण-
1 लगातार छींकें आना और नाक से पानी जैसा तरल पदार्थ का लगातार बहना।
2 नाक, आंख, तालू में खुजली होना।
3 नाक बंद होना और सिरदर्द बना रहना।
प्रमुख कारण- डॉ जैन के मुताबिक बदलता हुआ मौसम, तापमान में अचानक परिवर्तन, धूल-मिट्टी, नमी, प्रदूषण, जानवरों के रेशे एवं बाल का शरीर में प्रवेश के साथ ही पेड़ और परागकणों के शरीर में प्रवेश करने या त्वचा पर लगने से होने वाली प्रतिक्रिया, एलर्जिक राइनाइटिस के प्रमुख लक्षण हैं।
क्या है एलर्जिक राईनाटिज़, जानिए सावधानियां: डॉ. मनीष जैन 1
कितनी है खतरनाक – वैसे तो यह बीमारी जानलेवा नहीं होती, लेकिन आपकी सामान्य दिनचर्या को अत्यधिक प्रभावित करने में सक्षम होती है।

इसका सही वक्त पर ठीक और सफल उपचार नहीं होने पर, अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।

डॉ जैन ने बताया कि एलर्जिक राइनाइटिस के अलावा नेजल पॉलिप, साइनोसाइटिस भी संक्रमण का महत्वपूर्ण कारण है, जिसे समय पर पहचानकर उसका इलाज कराना बेहद आवश्यक है। जानिए क्या है, नेजल पॉलिप व साइनोसाइटिस-
क्या है एलर्जिक राईनाटिज़, जानिए सावधानियां: डॉ. मनीष जैन 2
दरअसल नाक के अंदर मांस का बढ़ना, नेजल पॉलिप कहलाता है।
साइनोसाइटिस –

1 धूल व धुंए से बचें और तापमान में अचानक परिवर्तन होने पर बचाव करें।
2 मुंह और नाक पर मास्क का इसतेमाल करें। इसके अलावा बाल वाले जानवरों से दूर ही रहें।
क्या है एलर्जिक राईनाटिज़, जानिए सावधानियां: डॉ. मनीष जैन 3
3 यदि घर में वैक्यूम क्लीनर हो, तो झाडू की जगह उसका इस्तेमाल करें ।
4 पर्दे, चादर, बेडशीट व कालीन में नमी न लगने दें, समय-समय पर इन्हें धूप दिखाते रहें।

5 अधिक एलर्जी होने पर सुरक्ष‍ित दवाओं का प्रयोग करें या नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।