rape record of india
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नई दिल्ली।
दिल्ली में साल 2012 के दौरान देश को हिला देने वाली घटना के अपराधियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा, लेकिन उसके बाद भी देश में दुष्कर्म, बलात्कार और गैंगरेप करने वालों की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है।

इन बीते सात साल के दौरान 3.34 लाख लड़कियों के साथ इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रतिदिन के हिसाब से बात करें तो साल 2012 में जहां 68 रेप हो रहे थे, वहीं 33 फीसदी के इलाफे के साथ आज रोजाना 90 रेप हो रहे हैं।

आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2012 में जहां देशभर में 24923 मामले दर्ज किए गए, वहीं अकेली दिल्ली में ही 706 मुकदमें थे। इसी तरह से 2013 में देश में मामले बढ़कर 33707 हो गए, वहीं दिल्ली में 1636 घटनाएं हुईं।

इसके बाद 2014 में दिल्ली में जहां 2096 रेप के मामले सामने आए, वहीं पूरे देश में 36735 मामलों ने देश को शर्मसार किया। इसी तरह से 2015 में दिल्ली में 2199 घटनाएं हुईं, तो देशभर में कुल 34651 केस दर्ज हुए।

ऐसे ही साल 2016 में देशभर में अबतक के सर्वाधिक 38947 केस ​सामने आए, तो अकेली दिल्ली में ही 2155 घटनाएं लड़कियों के साथ घटित हुईं। अगले साल, यानी 2017 में दिल्ली में 2146 और देशभर में 32559 रेप की घटनाएं घटीं।

साल 2018 में दिल्ली राज्य में जहां 2135 महिलाएं दरिंदों की शिकार बनीं, तो देशभर में कुल 33356 लड़कियों की इज्ज्त लूट ली गई। बीते साल की बात की जाए तो दिल्ली में जहां 1947 घटनाएं घटीं, तो देश में आंकड़े सामने नहीं आए हैं।