जयपुर।

मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप का आज 479वां जन्म दिवस है। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा पार्टी मुख्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस संगोष्ठी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, प्रदेश प्रवक्ता सतीश पूनिया समेत कई सांसद, विधायकों ने हिस्सा लिया, पार्टी के पदाधिकारी भी इसमें शामिल थे।

इस अवसर पर पार्टी अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि अकबर महान नहीं था, महाराणा प्रताप महान थे, अकबर आक्रमणकारी था, महाराणा प्रताप रखना चाहते थे।

मदन लाल सैनी ने इसके साथ ही कहा कि अकबर ने मीना बाजार सजाया था, जिसमें केवल महिलाएं होती थी उनके साथ बलात्कार करता था, दुष्कर्म करता था।

सैनी ने कहा कि किरण नाम की एक महिला ने वहां पर अकबर के सीने पर कटा लगा दी थी और उसके बाद अकबर को माफी मांगने पड़ी थी, तब उनकी जान बची थी।

मदन लाल सैनी ने इसके साथ ही यह भी कहा कि ऐसे व्यक्ति को महान नहीं कहा जा सकता जो दूसरे के राज्य पर आक्रमण करता हो और शासन की लालसा रखता हो।

बीजेपी अध्यक्ष मदन लाल सैनी के बयान पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहती है, अकबर और महाराणा प्रताप के नाम से धार्मिक बनाना चाहती है जो गलत है, विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए, बयान नहीं देना चाहिए।

मदन लाल सैनी ने अपने बयान में कहा कि अकबर एक चरित्रहीन व्यक्ति था, जबकि महाराणा प्रताप महान थे। इसलिए अकबर जैसे व्यक्ति को राणा प्रताप के बराबर खड़ा नहीं किया जाना चाहिए, यह साजिश है, एक अन्य व्यक्ति को किसी महान व्यक्ति के साथ खड़ा करना।

आपको बता दें कि “महाराणा प्रताप की भतीजी किरण देवी एक दिन मीना बाजार, जिसको नौरोज के मेला भी कहा जाता था, छोटे भाई महाराज शक्तिसिंह की पुत्री के साथ मेले की सजावट देखने के लिए आई थीं।

महाराणा प्रताप की पुत्री का नाम किरणदेवी था, जिनका विवाह बीकानेर के पृथ्वीराज से हुआ था। किरणदेवी की सुंदरता को देखकर अकबर अपने आप पर काबू नहीं रख पाया।

उसने बिना सोचे समझे दासियों के माध्यम से धोखे से जनाना महल में बुला लिया। जैसे ही अकबर ने बाईसा किरणदेवी को स्पर्श करने की कोशिश की, किरणदेवी ने कमर से कटार निकाली और अकबर को ऩीचे पटकर छाती पर पैर रखकर कटार गर्दन पर लगा दी और कहा ‘नीच नराधम तुझे पता नहीं…मैं उन महाराणा प्रताप की भतीजी हूँ, जिनके नाम से तुझे नींद नहीं आती है, बोल तेरी आखिरी इच्छा क्या है”

इतिहास में लिखा है कि अकबर का तो, खून सूख गया, उसने कभी सोचा नहीं था कि सम्राट अकबर कभी, किसी नारी के चरणों में होगा।

इसके बाद अकबर बोला मुझे पहचानने में भूल हो गई, मुझे माफ कर दो देवी..। तब किरण देवी ने कहा कि आज के बाद दिल्ली में नौरोज का मेला नहीं लगेगा और किसी भी नारी को परेशान नहीं करेगा।

अकबर ने हाथ जोड़कर कहा कि, आज के बाद कभी मेला नहीं लगेगा, मतलब मीना बाजार नहीं सजेगा। कहा जाता है कि “उस दिन के बाद से, कभी भी ये मेला नहीं लगा।

इस घटना का वर्णन गिरधर आसिया द्वारा रचित सगत रासो मे 632 पृष्ठ संख्या पर दिया गया है। बीकानेर संग्रहालय में लगी एक पेटिंग में भी
इस घटना को एक दोहे के माध्यम से बताया गया है। जो इस तरह से है-

“किरण सिंहणी सी चढी उर पर खींच कटार,

भीख मांगता प्राण की अकबर हाथ पसार।”