Advocate vikram singh arya
Advocate vikram singh arya sikar

Jaipur news.

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए रणभेरी बज चुकी है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपनी तैयारियां तेज कर दी है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने भी सभी राज्यों के निर्वाचन विभागों के माध्यम से चुनाव के लिए व्यवस्थाएं बनानी शुरू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से आज राजस्थान के 12 उम्मीदवारों के नाम तय हो जाएंगे, और उनके नामों की घोषणा बाद में की जाएगी, मगर सिंगल नाम को लेकर हो रही रहे मंथन के बाद शाम तक कर लिया जाएगा।

राजस्थान में जयपुर की 2 लोकसभा सीट सीकर, झुंझुनू, नागौर, चूरू, अजमेर, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली, कोटा, टोंक-सवाईमाधोपुर, भरतपुर, अलवर समेत तकरीबन पूरे राजस्थान की संसदीय सीटों पर कृषक वर्ग बड़े पैमाने पर प्रभाव डालता है।

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सीकर, बाड़मेर-जैसलमेर और जोधपुर की सीटों पर सबसे ज्यादा दावेदार बताए जा रहे हैं। यहां पर कांग्रेस पार्टी में टिकट की दावेदारी को लेकर कड़ा संघर्ष चल रहा है।

बीजेपी के सामने 2014 की सफलता को दोहराने की चुनौती है, तो कांग्रेस के पास खोने को केवल अजमेर और अलवर की सीट है।

इस बीच सीकर की सीट पर सुप्रीम कोर्ट के ख्यातनाम वकील विक्रम सिंह आर्य के द्वारा ताल ठोकने के कारण करीब 5 साल पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले पूर्व सांसद सुभाष महरिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बताया जा रहा है कि एडवोकेट विक्रम सिंह आर्य को राहुल गांधी के करीबी वकीलों में माना जा रहा है। ऐसे ही सीकर में खुद कांग्रेसी नेताओं का विरोध सुभाष महरिया के लिए राह में रोड़े अटका रहे हैं।

तीसरे नम्बर पर पूर्व विधायक रीटा चौधरी की दावेदारी बेहद कमजोर नज़र आ रही है। पीएस जाट और सीताराम लाम्बा का भी नाम सुर्खियों में हैं, किन्तु असल मुकाबला केवल एडवोकेट आर्य और महरिया के बीच ही नज़र आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि एडवोकेट विक्रम सिंह के पास से सीकर जिले में अच्छे खासे सक्रिय हैं। किसानों को लेकर उनके द्वारा कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार करने के कारण उनकी ख्याति और बढ़ी है।

ऐसे में ग्राउंड को उनके पक्ष में जाती है, तो राहुल गांधी से उनकी नजदीकियां अन्य दावेदारों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

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