Rafale deal in supreme court
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Delhi news.
विपक्ष के द्वारा मुद्दा बनाई गई रफाल (Rafale) को लेकर नया खुलासा हुआ है। अटॉर्नी जनरल (AG) केके वेणुगोपाल ने बताया कि जिन फाइलों के आधार पर पुनर्विचार चाचिका दाखिल की गई है, वह एडवोकेट प्रशांत भूषण की गैंग ने चुराई है।

बुधवार को Supreme court में इस मामले की सुनवाई के दौरान तीखी बहस हुई। गौरतलब है कि प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरूण शोरी ने मिलकर कोर्ट में पुनर्विचार यचिका लगाई थी।

कोर्ट ने अगली सुनवाई तारीख 14 मार्च तय की गई है। इससे पहले कोर्ट ने 14 दिसंबर को दिए गए अपने फैसले में 36 रफाल सौदे को पाक—साफ करार देते हुए सीबीआई (CBI) जांच की मांग को खारिज कर दिया था।

अटॉर्नी जनरल ने दलीलें देते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया को हमने 19 साल के विवाद से बाहर निकाला है, उसको फिर से उसी जगह ले जाएंगे तो यह देश के लिए बहुत घातक होगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से देश को भारी नुकसान होने वाला है।

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एजी ने कहा कि वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट में जो साक्ष्य पेश किए हैं, वह सभी रक्षा मंत्रालय से चुराए हुए हैं। एजी ने इसको कार्यालय गुप्त कानून का सीधे तौर पर उल्लंघन करार दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के बाद फैसला देने को कहा है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर पीएम मोदी पर हमला करने वालों की बाढ़ आ गई। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि मोदी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए जो सबूत थे, उनको नष्ट कर दिया गया है, यह इस बात का सबूत है कि घोटाला हुआ है।

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