लखनऊ।

सोशल मीडिया पर जबरदस्त एक्टिव रहने और अपनी खूबसूरती के लिए चर्चित उत्तर प्रदेश की आईएएस बी चंद्रकला की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

अखिलेश यादव सरकार में हमीरपुर, बुलंदशहर, मेरठ समेत 5 जिलों में जिला कलेक्टर (DM) रहीं चंद्रकला ने योगी आदित्यनाथ की सरकार आते ही उत्तर प्रदेश से विदाई ले ली थी।

बी चंद्रकला ने दिल्ली में डेपुटेशन की मांग कर ली थी। लेकिन 31 मार्च 2017 को उनको मेरठ जिले की मजिस्ट्रेट बना दिया गया था। यहां पर उनको स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक का काम सौंपा गया था।

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इसके बाद 2018 में उनको केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की सचिव के पद पर लगाया गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार दिल्ली में काम करते हुए भी चर्चित रहीं।

हालांकि, 2018 में ही वापस यूपी कैडर में लौट गईं। उनको माध्यमिक शिक्षा में विशेष सचिव लगाया गया था। बाद में वह अध्ययन अवकाश पर चली गईं।

उनपर आरोप है कि हमीरपुर की डीएम रहते हुए ही चंद्रकला ने 10 अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध खनन का सौदों को अंजाम देने का है।

बिजनौर में डीएम रहते हुए चंद्रकला के द्वारा पट्टे जारी करने का आरोप हैं। यहां पर उनके द्वारा धमकी देने के बाद भी अवैध खनन जारी रहा है।

नजिबाबाद, नगीना, कालागढ़ जिलों समेत कई जिलों में नदियां है, जहां पर अवैध खनन जारी है। इस अवैध खनन के मामले में कई बड़े अफसरों के नाम सामने आ रहे हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच में जुटी है, तो इस मामले में चंद्रकला से पूछताछ की जा चुकी है। अब सीबीआई के हाथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरेबान तक पहुंच चुके हैं।

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