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बीते करीब 1 सप्ताह से जम्मू कश्मीर में व्याप्त भारी तनाव के बीच प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुक्ति पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकंजा कस लिया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से रविवार को महबूबा मुफ्ती को लेटर जारी करती हुई बुलाया गया है।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से जारी किए गए पत्र में लिखा है कि जम्मू कश्मीर बैंक में कुछ भर्तियां की गई थी जो महबूबा मुफ्ती के मंत्रियों की रिकमंडेशन पर हुई थी।

महबूबा मुफ्ती से जवाब मांगते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने लिखा है कि वह खुद व्यक्तिगत रूप से या लिखित में पर इस मामले पर सफाई दें।

एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा लिखे गए इस पत्र में महबूबा मुफ्ती के कहने के आधार पर जम्मू-कश्मीर बैंक में भर्ती हुई थी, उसका भी हवाला दिया गया है। एसीबी ने लिखा है कि महबूबा मुक्ति इस मामले में सफाई पेश करें।

बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में व्याप्त तनाव के बीच बार-बार महबूबा मुफ्ती के देश विरोधी बयान आने के बाद उन को कंट्रोल करने के लिए एसीबी ने यह कदम उठाया है।

गौरतलब है कि 1 दिन पहले ही महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला के अलावा जम्मू कश्मीर के सभी मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की थी।

बताया यह भी जा रहा है कि आज जिस होटल में महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला के साथ अन्य नेताओं की मीटिंग होने वाले थे, उस होटल में मीटिंग करवाने से इनकार कर दिया।

इधर, दूसरी तरफ आज ही संसद भवन में देश के गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच बैठक हुई।

बताया यह भी जा रहा है कि कल इनकी राष्ट्रपति के साथ एक बेहद अहम बैठक हो सकती है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान ने अपने 5 से लेकर 7 बेट कमांडो के मारे जाने और सूचना देने के बाद भी बेट कमांडो के शव लेने से इंकार कर दिया।

ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस बात को खुले तौर पर स्वीकार नहीं करना चाहता कि भारत में उनके रास्ते घुसपैठ करता है।

इसके साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बयान दिया है कि उनके देश पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है।

पाकिस्तान की तरफ से कई वीडियो जारी किए हैं जिनमें भारतीय सेना के द्वारा क्लस्टर बम बरसाए जाने की बात कही जा रही है।