Jaipur

करीब 11 साल पहले मेहरानगढ़ के किले में स्थित चामुंडा माता के मंदिर नवरात्र के पहले दिन सुबह जल्दी भगदड़ मचने के बाद 216 युवाओं की जान चली गई थी।

इस मामले को लेकर जस्टिस जसराज चोपड़ा ने राज्य सरकार को न्यायिक जांच की रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन सरकार ने कोर्ट में और विधानसभा में कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है।

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इसको लेकर पक्ष और विपक्ष करीब-करीब साथ साथ हैं, क्योंकि रिपोर्ट 2011 में सौंप दी गई थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने भी इस को सार्वजनिक नहीं किया।

वर्तमान सरकार ने भी हाईकोर्ट में जवाब देते हुए कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर है, जिसके चलते इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

इस प्रकरण को लेकर जहां एक और राज्य सरकार की नियत पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ महीनों पहले जोधपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खरी-खोटी सुनाने वाले वकील विजय राव का वीडियो वायरल हो रहा है।

वीडियो में मेहरानगढ़ केस के वकील विजय राव अशोक गहलोत की तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सार्वजनिक तौर पर भला बुरा कह रहे हैं, अशोक गहलोत चुपचाप करीब 2 मिनट तक वकील की सारी बात सुनते हैं।

इस दौरान बीच में बोलने वाले पुलिस के अधिकारियों को भी वकील विजय राव बताते हुए नजर आ रहे हैं। कह रहे हैं कि इतने बड़े कांड पर राज्य सरकार केवल मुआवजा देकर नहीं निपटा सकते।

उन्होंने खुद को लेकर 11 दिन अनशन किया था और जोधपुर से जयपुर तक पैदल मार्च किया था। जोधपुर में हाईकोर्ट में 11 साल से केस लड़ रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की नियत नहीं है।

उन्होंने इस बात का भी हवाला दिया कि प्रकरण को लेकर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री “वसुंधरा राजे मुर्दाबाद” के नारे लगाए थे। अशोक गहलोत मुर्दाबाद” के नारे लगाने को तैयार हैं।

वकील के द्वारा गहलोत को उलाहना देता यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसको वर्तमान घटना से जोड़कर देख रहे हैं