नई दिल्ली।

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध (war) जैसे हालात होने के बावजूद भारत सरकार के द्वारा बनाए गए अंतरराष्ट्रीय (international pressure) दबाव के बाद पाकिस्तान को भारत के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को कल हिंदुस्तान भेजने का ऐलान करना पड़ा है।

खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनकी संसद (parliament) में इस बात की जानकारी दी है। Wing Commander Abhinandan का ‘अभिनंदन’ करने के लिए पूरा देश पलक पावडे बिछा कर तैयार बैठा है।

इससे पहले भारत सरकार ने कल और आज दिन भर उच्चस्तरीय बैठकों का दौर जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार की ताकत का एहसास इसी बात से लगाया जा सकता है कि पड़ोसी मुल्क को युद्ध जैसे हालात होने के बावजूद भारत के विंग कमांडर को दूसरे ही दिन वापस सौंपने का ऐलान करना पड़ा।

विंग कमांडर को वापस भारत आने की सूचना मिलते ही देशभर में हर्ष और खुशी का माहौल हो गया। देश के लोगों ने इसको न केवल भारत सरकार की कूटनीतिक जीत बताया है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी नतीजा करार दिया है।

बता दें कि 1999 के दौरान हुए कारगिल युद्ध के वक्त पाकिस्तान ने विंग कमांडर नचिकेत को पकड़ लिया था, जिसे 8 दिन बाद भारत को सुपुर्द किया गया था।