जयपुर।

राजस्थान में 2 साल पहले कथित तौर पर राशन कार्ड से 90 लाख लोगों को हटाए जाने के मामले में नवगठित कांग्रेस सरकार के खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने बड़ा बयान दिया है।

प्रदेश के खाद्य मंत्री रमेश मीणा ने कहा है कि बीजेपी सरकार द्वारा पात्रता प्राप्त 90 लाख लोगों को इस स्कीम से हटाया जाना एक बहुत बड़े घोटाले की तरफ इशारा करता है, जिसको लेकर विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सदन में भी आवाज उठाई थी।

90 लाख लोगों को फिर से इस स्कीम में जोड़ेगी राजस्थान सरकार! 1

प्रदेश में लंबे गतिरोध के बाद आज सभी मंत्रियों का विभागवार बंटवारा हो गया। उसके बाद मीडिया से बात करते हुए रमेश मीणा ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता प्रदेश के पात्र लोगों को फिर से राशन कार्ड से जोड़ने की है।

इसके साथ ही रमेश मीणा ने कहा कि प्रदेश के लोगों को शुद्ध वस्तुएं खिलाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति को अशुद्ध और गलत चीज खाने को नहीं मिले।

आपको बता दें कि राजस्थान में 3 करोड़ 60 लोग राशन कार्ड से सस्ता अनाज प्राप्त करने के हकदार हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम की नाकामी के चलते साढे चार करोड़ लोगों को इससे जोड़ दिया गया था। पिछली सरकार ने बॉयोमेट्रिक पीडीएस सिस्टम शुरू कर इसमें से 90 लाख लोगों को हटा दिया था।

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इस मामले को लेकर 2 साल पहले विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष में रहते हुए रमेश मीणा ने इस मामले को पूरी गंभीरता से उठाया था। साथ ही इसकी जांच कराने के लिए भी मांग की गई थी। सरकार ने कहा था कि जिन लोगों को अपात्र करके हटाया गया है, उनको सुनवाई करने का वक्त दे रहे हैं।

जिन 90 लाख लोगों को इस योजना से हटाया गया था, उनमें से बाद में केवल ढाई लाख लोगों ने ही पात्रता की शर्तें पूरी करते हुए फिर से इस स्कीम में जुड़ने के लिए आवेदन किया था।

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए रमेश मीणा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस स्कीम में से जिन लोगों को हटाया गया है, उनकी पात्रता की जांच कर पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी।

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