Jaipur

राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार द्वारा राज्य किसानों बिजली बिल में हर माह शुरू की गई 833 रुपयों की सब्सिडी वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार द्वारा बन्द कर दी गई है।

राज्य के करीब 14 लाख छोटे और मझौले किसानों को बिजली बिलों में सालाना 10 हज़ार और मासिक 833 रुपयों की सब्सिडी 7 लाख किसानों की एक नवम्बर से बंद कर दिया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि जिन किसानों के बैंक खाते डिस्कॉम के पास उपलब्ध हैं, उन्हीं को सब्सिडी दी जायेगी।

गौरतलब है साल 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा छोटे और मझौले किसानों की बिजली बिलों में राहत देकर प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की सब्सिडी देने का एलान किया गया था।

अब डिस्कॉम के एमडी आरजी गुप्ता का कहना है कि जिन किसानों के बैंक खातों की जानकारी डिस्कॉम के पास उपलब्ध नहीं है, उन किसानों को नवम्बर से सब्सिडी मिलनी बन्द हो गई है।

बता दें कि तत्कालीन सरकार के द्वारा शुरू की गई कई अन्य योजनाओं को भी वर्तमान सरकार द्वारा बन्द करने के फैसले लिए जा चुके हैं, जिनमें से स्टेट हाइवे पर निजी वाहनों का बन्द किया गया टोल एक नवम्बर से फिर शुरू कर दिया गया है।

हालांकि, डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि नई सरकार के गठन के बाद भी किसानों के खाते अपडेट करने के लिए 2-3 बार तारीख बढ़ाई गई थी, किन्तु फिर भी केवल 49% किसानों के खाते ही अपडेट हो पाये। अब भी 51%, यानी लगभग 7 लाख किसानों को इस राहत योजना से बाहर कर दिया गया है।

हालांकि, डिस्कॉम का कहना है कि फ़ाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है, जबकि अपात्र हुए किसानों को शामिल करने का निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर किया जाएगा।

इसी माह निकाय चुनाव है और अगले साल के शुरुआत में पंचायत चुनाव होंगे, अगर राज्य सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो कांग्रेस को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।