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जयपुर।

राजस्थान में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके एच1 एन1 वायरस से पीड़ित व्यक्ति की जांच पूरे प्रदेश में केवल 7 जगह होती है।

करीब 35 लाख आबादी वाली राजधानी जयपुर में भी केवल एसएमएस अस्पताल में होती है, जबकि राज्य की करीब साढ़े 7 करोड जनसंख्या की जांच के लिए 7 सेंटर बने हुए हैं।

नए मेडिकल कॉलेजों में भी जांच नहीं होती है। सैम्पल कलेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को अधिकृत किया हुआ है।

इस तरह संसाधन जुटाने और सुविधाओं में विस्तार नहीं किया जा रहा है। मरीजों को जांच सैम्पल देने के लिए भी जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता है।

इसी का जतीजा है कि भूभाग के हिसाब से काफी बड़ा जिला, जोधपुर इसकी चपेट में है। जानलेवा स्वाइन फ्लू का नियंत्रित करने में पूरी तरह से नकाम साबित हो चुके चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने किरकिरी से बचने का नायाब तरीका निकाला है।

विभाग ने एच1 एन1 वायरस पर नियंत्रण नहीं लगने के बाद आंकड़ों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

चिकित्सा विभाग ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर बीते चार दिन से आंकड़े उपलब्ध करवाना ही बंद कर दिया है।

मजेदार बात यह है कि संबंधित अधिकारियों ने भी इसपर चुप्पी साध ली है। इधर, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

राज्य में अब तक 70 से ज्यादा बेगुनाहों की मौत हो चुकी है, जबकि पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी 15 सौ से उपर पहुंच चकी है। सबसे ज्यादा मौते जोधपुर में हुई है।