-अवैध अफीम की खेती को संरक्षण देने वाले अफसर-कर्मचारियों व दलालों का गिरोह पकड़ा, अफीम खेती के मुखिया ही विभाग के साथ मिल कर रहे थे दलाली, कोटा, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ में एसीबी के छापे

जयपुर।

जिनके जिम्मे अफीम की खेती के अवैध काम को रोकने का जिम्मा था वे ही करोड़ो रुपए के लालच में उस गोरखधंधे को संरक्षण दे रहे थे।

जी, हां एसीबी ने नारकोटिक्स विभाग की शह पर चल रहे अफीम की खेती के बड़े घूसखोर नेटवर्क को भेदते हुए गुरूवार को नारकोटिक्स विभाग के चित्तौडगढ़ अधीक्षक सुधीर यादव, सब-इंस्पेक्टर भानू प्रताप सिंह, हवलदार प्रवीण सिंह, वरिष्ठ सहायक रामविलास मीणा समेत दो दलालों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से एक करोड़ पांच लाख रुपए की नकदी बरामद की है।

अफीम के लिए क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए दो मुखिया छगन व किशन सिंह ही विभाग के अफसरों के लिए दलाल कर रहे थे।

एसीबी ने सभी छह लोगो को गिरफ्तार कर इनके आवास व निजी आवास से स्मैक, प्रोपर्टी, दस्तावेज, सोना-चांदी, अंग्रेश शराब की बोतले व अवैध हथियार व मादक पर्दाथ जब्त किए है।

एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि हाल ही में एसीबी द्वारा नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सही राम मीणा को अफीम की खेती में घूसखोरी पर ट्रेप किया था।

इस दौरान ही एसीबी को पता चला कि कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ व प्रतापगढ़ में नारकोटिक्स विभाग के अफसर ही अफीम खेती के लिए निर्धारित मुखिया के जरिए घूस लेकर अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे है।

उन्होने बताया कि चित्तौड़गढ़ के नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव, एसआई भानू प्रताप, हवलदार प्रवीण सिंह व वरिष्ठ सहायक रामविलास मीणा की पुख्ता सूचना मिली कि ये लोग एक ही वाहन से अफीम खेती के पट्टाधारी काश्तरों से मिलने व फसल की हंकाई (अपरूटींग) के लिए जा रहे जिसकी आढ़ में बडी मात्रा में रुपए एकत्रित कर लौटेंगे।

इस पर एसीबी की अलग-अलग टीमों ने आॅपरेशन तैयार कर बुधवार रात सत्कार होटल चित्तौडगढ़ के पास एसीबी टीम ने एक स्वीफ्ट कार को रूकवाया जिसमें चारों अधिकारी व कर्मचारी बैठे थे।

तलाशी में मिले रुपयों का हिसाब मांगने पर जवाब नहीं दिया ऐसे में एसीबी ने चारों को हिरासत में लेकर सरकारी आवास व निजी आवास पर दबीश दी।

एसीबी के मुताबिक एसपी सुधीर यादव व अन्य अधिकारी-कर्मचारी अफीम खेती के मुखिया व दलाल छगन चौधरी व किशन ही अफीम की खेती में अवैध धंधे के सूत्रधार है।

अधिकारियों को घूस देकर लंबे समय से इस गोरखधंधे को चला रखा है। देर रात तक एसीबी के अधिकारी पकड़े गए लोगो से पूछताछ में जुटे है।

-खुद स्मैक लेता है सरगना यादव

एसीबी के मुताबिक नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव की देखरेख में भ्रष्टाचार का ये पूरा खेल चल रहा था।

हरियाणा निवासी यादव के आर्दश कॉलोनी स्थित आवास पर से एसीबी को 15 ग्राम स्मैक, 84770 रुपए नकद, 13 लाख की एफडीआर, हरियाणा में मकान व प्लॉट, 180 ग्राम सोने के जेवर, तीन बैंक खातों में पांच लाख रुपए नकद मिले है।

स्मैक के मामले में यादव के खिलाफ एनडपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यादव खुद भी स्मैक लेता था। एसीबी की पूछताछ के बाद चित्तौड़गढ़ पुलिस इस प्रकरण में पूछताछ करेगी।

-वसूली का जिम्मा भानू प्रताप पर

नारकोटिक्स विभाग के सब-इंस्पेक्टर भानू प्रताप इस गिरोह की अहम कड़ी है। विभाग द्वारा घोषित मुखियाओं के जरिए अफीम खेती की अवैध काम की एवज में भानू वसूली करता था।

भानू के पास से एसीबी ने आंनद विहार स्थित घर से दो लाख तीस हजार की नकदी जब्त की है जिसका वह कोई जवाब नहीं दे पाया है। ज्यादात अफीम पट्टाधारी मुखिया व काश्तकार इसके ही संपर्क में थे।

सब-इंस्पेक्टर लंबे समय से यहां तैनात है। नौकरी लगते ही उसने अफीम की खेती में अवैध कामों को संरक्षण देना शुरू कर दिया था।

-करोड़पति निकला हवलदार प्रवीण

एसीबी के हत्थे चढ़े इस रैकट का तीसरा बड़ा मोहरा है विभाग का हवलदार प्रवीण सिंह। कोटा निवासी प्रवीण ही बडे अफसरों की मौज-मस्ती व अय्याशी का ध्यान रखता था।

वसूली का मोटा पैसा भी प्रवीण ही रखता था बाद में सबमें बांट देता था। इसके पास से 35 हजार रुपए नकद, 25 अंग्रेश शराब की मंहगी बोतले, कोटा में एक मकान एक फ्लैट व आवास से 65 हजार रुपए नकद मिले है।

इसके अलावा प्रवीण सिंह के कोटा व चित्तौड़गढ़ में सात बैंक खाते है जिनमें करीब 72 लाख रुपए नकद मिले है। बताया जा रहा है कि प्रवीण सिंह की रसूख नारकोटिक्स विभाग में उतर तक है।

-सहीराम का एक और चेला निकला मीणा

नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सहीराम मीणा के ट्रेप के बाद बुधवार रात को चित्तौड़गढ़ में हुई कार्रवाई में सही राम का एक और चेला रामविलास मीणा पकड़ में आया है।

चित्तौड़गढ़ नारकोटिक्स विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात मीणा के पास से एसीबी ने 13500 रुपए जब्त किए है। उसके आवास व बैंक खातों की जानकारी ली जा रही है।

सही राम मीणा के नेटवर्क को ट्रेक के दौरान भी रामविलास का नाम आया था। सहीराम के पकडे जाने के बाद रामविलास ने सुधीर यादव को अपना गुरू बना लिया और अवैध वसूली में लग गया।

-छगन करता है अफसरों की लिए दलाली

कपासन चित्तौडगड़ निवासी व अफीम खेती का मुखिया छगन चौधरी ही अफीम खेती के अवैध धंधे की खबर अफसरों तक पहुंचाता है फिर उनके जरिए अफीम काश्तकारों से वसूली करता है।

छगन के कब्जे से एसीबी ने करीब 23 लाख रुपए जब्त किए है जो संभवत नारकोटिक्स विभाग के अफसरों के लिए उगाहे हुए थे। छगन मादक पदार्थ तस्करी से भी जुड़ा है।

उसके पास चार अवैध हथियार मिले है जिनमें एक राइफल, दो देशी कट्टे, एक सेमी आॅटो पिस्टल व तीन जिंदा कारतुस है। छगन के घर से एसीबी ने 125 किलो अफीम व 65 बोरे डोडा-पोस्त के जब्त किए है।

एसीबी ने इसके साथी व राशमी निवासी किशन को भी गिरफ्तार कर तीस किलो अफीम व 15 बोरे डोडा-पोस्त के पकड़े है।

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