Jaipur

राजस्थान में दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद राजस्थान की नवगठित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने दावा किया था कि जल्द ही 8500 पदों पर कांस्टेबल की भर्ती की जाएगी, लेकिन दावे के विपरीत 8 महीने बाद गहलोत सरकार ने 3.5 हजार पद कम करते हुए आपका है कि केवल 5000 पदों पर भर्ती की जाएगी।

इस भर्ती के लिए मंगलवार को वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि राजस्थान की माली हालत खराब होने के कारण वित्त विभाग की तरफ से 3500 पदों की कटौती की गई है।

हालांकि, राज्य के बेरोजगारों की स्थिति को देखते हुए यह उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है, किंतु सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल कांस्टेबल के 5000 पदों पर ही यह भर्ती की जाएगी।

बाद में कभी जब दूसरी भर्ती आएगी, तब 3.5 हज़ार पदों पर एडजस्ट कर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि बेरोजगारों को रोजगार देने, उनको बेरोजगारी भत्ता देने, बुजुर्गों, निशक्त जनों और महिलाओं, किसानों को पेंशन देने के नाम पर राजस्थान में कांग्रेस सरकार सत्ता पर काबिज हुई है, लेकिन अभी तक इन तीनों वादों में से एक भी वादा सरकार पूरा नहीं कर पाई है।

किसानों के लिए संपूर्ण कर्ज माफी का वादा तो धरा का धरा रह गया और इसके चलते राजस्थान में अन्नदाता जो कर्ज के तले दबा हुआ है, वह अब भी सुसाइड कर रहा है।

3500 पदों की कटौती के बाद राजस्थान का बेरोजगार खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है, जिसने कांग्रेस को वोट दिया था।

एक और खास बात यह है कि जिन 5000 पदों पर भर्ती के लिए कहा गया है, उनके लिए अभी तक कोई परीक्षा या आवेदन करने की बात नहीं कही गई है।

ऐसे में यह भर्ती कब तक होगी, कैसे होगी? इसका किसी को कोई पता नहीं है।