जयपुर।

लंबे समय से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निशाने पर चल रहे आईएएस अधिकारी तन्मय कुमार को मुख्यमंत्री बनते ही अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास से निकालकर बीकानेर टिका दिया है।

राजस्थान में सरकार बदलते ही भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को इधर-उधर करना शुरू कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अशोक गहलोत ने आज 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए।

इन 40 अधिकारियों में सबसे महत्वपूर्ण नाम है। आईएएस अफसर तन्मय कुमार का जिनको मुख्यमंत्री कार्यालय से निकाल कर सीधा बीकानेर फेंका गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खासम खास माने जाने वाले आईएएस अधिकारी तन्मय कुमार को बीकानेर में सिंचित क्षेत्र का आयुक्त बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रिंसिपल सेक्रेट्री के रूप में कुलदीप रांका को लगाया गया है। कुलदीप रांका जोधपुर जिले से आने वाले अधिकारी हैं, उनको अशोक गहलोत के बेहद करीबी आईएएस अधिकारियों ने माना जाता है।

साल 2011 के दौरान राजस्थान में मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना एवं मुख्यमंत्री मुफ्त जांच योजना शुरू करने वाले आईएएस डॉ समित शर्मा को एक बार फिर से एनआरएचएम का निदेशक बनाया गया है।

डॉ समित शर्मा को भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी अधिकारी माना जाता है, लेकिन 2013 में सरकार बदलने के बाद आईएएस डॉ समित शर्मा को सरकार ने लगातार ऐसे पदों पर रखा जिनका अधिकारियों की नजर में अधिक औचित्य नहीं होता है।

मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव के पद पर अजमेर की जिला कलेक्टर आरती डोगरा को लगाया गया है। आईएस निरंजन आर्य को आबकारी एवं कराधान में प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया गया है।

आबकारी कराधान एवं वित्त में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत मुकेश शर्मा को अजमेर में राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजीव स्वरूप को जेल, गृह रक्षा, सीआईडी सीबी में अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है।

आईएस रोहित कुमार सिंह को जयपुर रेलवे मेट्रो प्रोजेक्ट से हटाकर चिकित्सा, परिवार एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख शासन सचिव बनाया गया है। शिखर अग्रवाल को अजमेर राजस्व में सदस्य बनाकर ठंड में लगा दिया गया है।