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दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक पर अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग, यानी एफटीसी ने डाटा चोरियों के मामले में 34000 करोड रुपए का जुर्माना लगाया है।

कंपनी पर आरोप है कि उसने निजता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने 5 करोड़ यूजर्स का डाटा कैंब्रिज एनालिटिका को दे दिया था, यह मामला डेढ़ साल पहले का है।

किसी भी टेक्नोलॉजी कंपनी पर यह अब तक की सबसे बड़ी जुर्माना राशि है। इससे पहले साल 2012 में गूगल पर भी 154 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई गई थी।

हालांकि अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग द्वारा 3-2 से वोट डालकर अपना फैसला सुनाया गया है, लेकिन जुर्माने का आखिरी निर्णय अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा किया जाएगा।

फेसबुक द्वारा यह राशि चुकाए जाने के बाद मुकदमा खत्म हो जाएगा। एफटीसी ने डेढ़ साल पहले इस प्रकरण की जांच शुरू की थी, जब कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा लोगों का डाटा यूज किए जाने का प्रकरण सुर्खियों में आया था।

ब्रिटेन की इस बहुराष्ट्रीय कंपनी के द्वारा फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का निजी डेटा अवैध तरीके से हासिल करने का प्रकरण सामने आया था। इसमें 5.5 लाख भारतीय भी शामिल थे।

आपको बता दें कि यह राशि फेसबुक के सालाना कमाई का मात्र 9 फ़ीसदी है। फेसबुक की यह कमाई 2018 में हुई का केवल 9% है, तब फेसबुक ने 4 लाख करोड रुपए कमाए थे।

प्रकरण में कुल 5 करोड लोगों का डाटा चोरी हुआ था। उनमें से पांच लाख से ज्यादा भारतीय शामिल थे। उसके बाद फेसबुक ने कहा था कि किसी का भी निजी डेटा नहीं चुराया जाएगा।

आपको बता दें कि जब यह घटना शुरू हुई तब फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने अमेरिकी संसद में पेश होते हुए 21 हजार करोड़ में सेटलमेंट करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन एफटीसी ने मामले की जांच खत्म नहीं कर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

पॉलीटिकल एडवाइजर कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने 2016 में भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान का काम देखा था।

जुलाई की शुरुआत में फेसबुक पर जर्मनी ने भी इंटरनेट ट्रांसफर का उल्लंघन करने पर 15.83 करोड़ का जुर्माना लगाया था।