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नई दिल्ली

नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में बेचने वाले गैंग के मास्टरमाइंड लोपसंग लामा उर्फ लामा अरेस्ट कर लिया गया। 33 साल के लामा को स्पेशल सेल ने नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया।

पुलिस जब उसे पकड़ने वजीराबाद पहुंची तो वह एक मॉनेस्ट्री में घुस गया और वहां से यमुना में कूद पड़ा। उसके पीछे-पीछे मनोज नाम के पुलिसकर्मी ने भी छलांग लगा दी और उसे दबोच लिया। लामा पर एक लाख का इनाम था और काफी दिनों से उसकी तलाश थी।

पुलिस के मुताबिक, लामा नेपाल की लड़कियों को जॉब के बहाने दिल्ली लाता था और यहां से उन्हें खाड़ी देशों में 50 हजार से पांच लाख रुपये में बेच देता था। दिल्ली महिला आयोग ने पिछले साल मुनिरका से 16 नेपाली लड़कियों को छुड़ाया था। आरोप है कि इन्हें दिल्ली तक लामा ही लाया था।

स्पेशल सेल की टीम ने वॉन्टेड लामा को वजीराबाद इलाके में यमुना किनारे घेर लिया। खुद को घिरा देख वह यमुना में कूद गया लेकिन उसके पीछे एक सिपाही ने भी छलांग लगा दी और नदी के अंदर से उसे पकड़ लाया। किसी फिल्मी सीन की तरह पकड़ा गया।

दिल्ली महिला आयोग ने पिछले साल 25 जुलाई को मुनिरका गांव से 16 नेपाली लड़कियों को छुड़ाया था। यह उसी मामले में मास्टरमाइंड था जो अब तक फरार चल रहा था। यह केस साउथ-वेस्ट दिल्ली के वसंत विहार थाने का था लेकिन इसमें मोस्ट वॉन्टेड को गिरफ्तार किया है स्पेशल सेल ने।

कुछ समय पहले दिलशाद गार्डन इलाके में स्थित संस्कार आश्रम से भागी 9 लड़कियों के मामले में भी इससे पूछताछ होगी। सेल के डीसीपी संजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली और देश में सक्रिय मानव तस्करी के धंधे का बड़ा ंिकगपिन उनके हाथ लगा है।

इसकी गिरफ्तारी पर पुलिस कमिश्नर ने एक लाख का इनाम भी रखा हुआ था। यह पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भी शामिल था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मुलजिम का नाम लोपसंग लामा उर्फ लामा (33) है।

जांच में पता लगा है कि यह नेपाल से लड़कियों को बहला-फुसलाकर दिल्ली लाता था। फिर यहां से इन्हें कुवैत, ओमान, कतर, बहरीन और सउदी अरब में बेच देता था।

इसका एक जीजा पिछले साल कुवैत में शिफ्ट हो गया था। इसका जन्म अरुणाचल प्रदेश में हुआ था लेकिन बाद में यह नेपाल रहने लगा था। जुलाई में डीसीडब्ल्यू द्वारा मुनिरका गांव में मारी गई रेड के बाद यह दिल्ली से भागकर नेपाल जा छिपा था।

मामला शांत समझकर यह फिर से दिल्ली आ गया था। यहां यह वजीराबाद में रह रहा था। सेल को इसके बारे में सूचना मिल गई थी। इसे शुक्रवार शाम 7:20 बजे पकड़ने का प्रयास किया गया तो यह मोनेस्ट्री के अंदर से होते हुए यमुना में कूद गया।

इसके पीछे-पीछे सिपाही मनोज भी यमुना में कूद गया और इसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में इसने बताया कि यह कई सालों से मानव तस्करी के धंधे में शामिल है। नेपाल से यह लड़कियों को दिल्ली में जॉब दिलाने के बहाने लाता था।

फिर यहां कई बार लड़कियों के साथ बलात्कार भी किया जाता था। इसके बाद इन्हें खाड़ी देशों में बेच दिया जाता था। एक लड़की को 50 हजार से पांच लाख रुपये में बेच गया। माना जा रहा है कि यह 300 से अधिक नेपाली लड़कियों को बेच चुका है।

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