Jaipur

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, यानी एसओजी के द्वारा जिस नामचीन ठग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है उसने केवल जयपुर के 100 डॉक्टर को शिकार नहीं बनाया है, बल्कि उनमें से अधिकांश डॉक्टर सवाई मानसिंह अस्पताल के हैं।

जी हां, 30 से ज्यादा डॉक्टरों को ठगी का शिकार बनाया गया है, जो एसएमएस अस्पताल में काम करते हैं। अधिकांश डॉक्टरों ने लिखित में शिकायत दी है।

80 डॉक्टरों की शिकायत मिल चुकी है और उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। एडीजी अनिल पालीवाल के मुताबिक एसएमएस साल के 30 डॉक्टरों को का निवेश किया गया कि का शिकार बनाया गया है और एसओजी के पास फिलहाल 80 सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है।

आरोपियों को पकड़ा गया है, उनके जयपुर में हुक्काबार, रेस्टोरेंट भी संचालित हैं। Arihant Builders, Coral group, Raghukul measures, India cafe, oscuro Vaishali Nagar, Republic WTP, Sikar में the Roti restaurant, झोटवाड़ा में Kisan Hospital दिल्ली के एक कारोबारी अंकित गुप्ता के झांसे में इन्वेस्ट किया गया है।

दरअसल, जयपुर के 5 गांव में जमीन खरीद में भी निवेश किया गया है। रघुकुल में 51 फ़ीसदी शेयर गंगाराम खंडेलवाल के और 49% शेयर अमित शर्मा के हैं।

एसओजी की गिरफ्त में आए आरोपी डॉ राम लखन ने बताया कि जो पैसा डूबा है वह डॉक्टरों का नहीं है, बल्कि बैंकों से लिया गया कर्ज है।

उसने बताया कि रियल एस्टेट के गिरते बिजनेस को खड़ा करने के लिए पैसा लगाया गया है। जिन डॉक्टरों के पैसे नहीं चुकाए गए हैं, उनमें से 25 डॉक्टरों को फ्लैट दिए जाने की बात भी स्वीकार की है।

इसके अलावा कुछ रेस्टोरेंट में हिस्सेदार बनाया गया है। उसके साझेदार अमित शर्मा के कहने पर ₹3500000 का ऋण लेकर काम शुरू किया, जिनमें ₹530000 घटा पूरा करने के लिए अमित शर्मा ने कंपनियां खोली।

हालांकि कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन डॉक्टरों ने बैंकों से लोन लिया था, उसे उनको ही चुकाना पड़ेगा।

एक और मजेदार बात यह है कि मुख्य आरोपी अमित शर्मा की कंपनी रघुकुल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड, जो सेबी के नाम से जाना जाता है ने 29 जून 2019 को ही, यानी केवल 20 दिन पहले ही रोक लगाई है।

इससे पहले अप्रैल 2019 में 14 इन्वेस्टर्स ने कंपनी पर 24.65 करोड़ के अवैध लेनदेन की शिकायत से भी में की थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी जांच कर रिपोर्ट दी थी।

रघुकुल के मैन इन्वेस्टर शहर के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी गंगाराम खंडेलवाल हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह कंपनी अमित शर्मा ने मार्च 2016 में खरीद ली थी।

नोटिस के मुताबिक निवेशक के पद पर गंगाराम ही कार्यरत हैं। सेबी ने शेयर बाजार में खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही उनके बैंक खातों और पैन कार्ड पर भी मई 2019 में ही रोक लग चुकी है। उनके खाते बंद कर दिए गए हैं, पैन कार्ड को भी बंद कर दिया गया है।

दरअसल जयपुर राजस्थान के 100 से ज्यादा डॉक्टरों को डॉ राम लखन और अमित शर्मा के साथ आरोपी नेहा गुप्ता ने ठगी का शिकार बनाया।

सभी डॉक्टरों से 100 करोड़ से ज्यादा वसूले और उनको बैंकों से लोन दिलवाकर उस पैसे को भी निवेश कर लिया जयपुर के डब्ल्यूटीपी में इन्होंने आलीशान ऑफिस बना रखा है। उन्होंने डॉक्टरों को आईफोन, कार गिफ्ट कर फसाया है है।