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-राजस्थान सरकार खाद्यय सुरक्षा को आज से लागू कर रही है अंतर जिला वितरण योजना, अब राशन डीलर नहीं दे पाएगा ग्राहक को गच्चा, कोई भी अपने मोबाइल से देख सकेगा राशन डीलर के पास कितना माल

जयपुर।

राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पूरे तरह एक्शन में है। पुरानी सरकार की योजनाओं की समीक्षा में खाद्य विभाग भी आ गया है।

नव नियुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा को Point of sale मशीन की खरीद में 26 करोड़ के गबन की आशंका उत्पन्न हो गई है, इसकी मंत्री ने जांच कराने की ठान ली है।

इसके साथ ही विभाग ने एक सप्ताह के भीतर गरीबों को राहत देने के लिए पीडीएस सिस्टम के विस्तार की योजना को अमलीजामा पहना दिया है।

विभाग के द्वारा जनता को तेजी से राहत देने के लिए दो-दो काम करने का मन बनाया है। पहला, पीडीएस में खुली हुई दुकानों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी।

दूसरा, आज से ही इसकी भी सुविधा दी जा रही है कि राशन डीलर की दुकान में उपलब्ध माल की स्थित उपभोक्ता अपने मोबाइल से कहीं भी देख सकेगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री रमेश मीणा ने दावा किया है कि राशन डीलर के पास उपलब्ध पूरे माल की सारी जानकारी Online उपलब्ध करवा दी जाएगी।

अब कहीं भी बैठा ग्राहक अपने मोबाइल पर इसको देख सकेगा। मंत्री मीणा का कहना है कि गरीब आदमी को योजना का पूरा फायदा मिले, इसके लिए पात्रता रखने वाले लोगों को फिर से जोड़ा जाएगा।

उनका कहना है कि भाजपा सरकार ने कई पात्र लोगों को इस योजना से हटा दिया था, अब उनसे फिर आवेदन मांगकर जोड़ा जाएगा।

मंत्री ने बताया कि जल्द ही प्रदेशभर में अंतर जिला राशनिंग की शुरुआत होगी, अब तक जिले और ब्लॉक स्तर पर यह सुविधा थी, लेकिन अब पूरे राज्य में उपभोक्ताओं को यह सुविधा मिलेगी।

किसी भी जिले में, तहसील या कस्बे का व्यक्ति प्रदेश में खुली किसी भी राशन की दुकान पर पॉश मशीन में अपना थंब इंप्रेशन लगाकर राशन ले सकेगा।

मंत्री मीणा ने बताया कि प्रदेश में पिछली सरकार द्वारा 26737 पॉश मीशनें खरीदी गई थीं। एक मशीन की कीमत 21500 थी।

राशन डीलर को यह मशीन 22500 की पड़ी। सितंबर 2016 में खरीदी गई पॉश मशीनें अब जवाब देने लगी हैं।

ऐसे में मशीन बेचने वाली कंपनी ने इनके मैंटेंस के पेटे विभाग से 19 करोड़ रुपए मांगे हैं। मजेदार बात यह है कि 2200 रुपए एक मशीन के हिसाब से कंपनी राशन डीलर से भी मैंटेंस के पैसे ले रही है।

मंत्री को आशंका है कि इन मशीनों की कीमत से करीब दो गुणा दाम पर खरीदा गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच करवाई जाएगी।

मंत्री को शक है कि POS मशीन खरीद में करीब 26 करोड़ से ज्यादा का घपला हुआ है, जिसकी जांच कराई जाएगी, ताकि जनता के पैसे का लाभ जनता को मिले।