जयपुर।

देश दुनिया में प्रसिद्ध जयपुर के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में पहली बार 20 सीट खाली रह गई।

खाली रह गई 20 सीटों पर मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग ही नहीं की, जिसके चलते नीट क्लियर कर चुके टॉपर्स मजबूरन मोटी फीस देकर प्राइवेट कॉलेजों में चले गए।

आपको बता दें कि सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में और प्राइवेट कॉलेजों में फीस को लेकर जमीन आसमान का अंतर है। गरीब परिवारों से आने वाले होनहार छात्र एसएमएस मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने में कामयाब होते हैं।

निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें खाली रहने के कारण होनहार छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग करके एडमिशन नहीं दिया जा रहा है जो एक बड़े घोटाले की तरफ इशारा करता है।

इस मामले को लेकर राजस्थान युवा डॉक्टर्स फाउंडेशन के संयोजक डॉ. विवेक माचरा ने कहा है कि कल, यानी सोमवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज में मोपअप काउंसलिंग हो रही है, जिसको वह नहीं होने देंगे।

मेडिकल कॉलेज में सीटों के बंटवारे को लेकर और एडमिशन को लेकर तरह-तरह के आरोप सामने आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज के द्वारा समय पर काउंसलिंग और एडमिशन नहीं करने के कारण होनहार और अधिक अंक लाने वाले बच्चे निजी मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपए फीस देकर एडमिशन ले चुके हैं।

जबकि एसएमएस मेडिकल कॉलेज अब अपनी बची हुई 20 सीटों के लिए काउंसलिंग कर रहा है। इसी को लेकर रविवार को कॉलेज में हंगामा हुआ और पुलिस के द्वारा एडमिशन लेने आए स्टूडेंट्स के परिजनों के साथ मारपीट भी की गई।

डॉ. विवेक माचरा का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के द्वारा इस तरह से मनमर्जी से और अपारदर्शी तरीके से एडमिशन नहीं होने दिए जाएंगे, इसके लिए चाहे उनको किसी भी हद तक जाना पड़े।

डॉ. माचरा का कहना है कि नीट-2019 (NEET-2019) के सफल टॉपर्स को सरकारी सीटों पर एडमिशन नहीं दिया गया, जिसके चलते SMS मेडिकल कॉलेज जैसा चिकित्सा शिक्षा का मंदिर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

आजादी के बाद पहली बार सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें रिक्त रहीं और करोड़ों रुपये की निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर पहले प्रवेश हो गया।

पूरे राजस्थान में 600 मेडिकल सीटों पर करोड़ो रूपये के इस घोटाले के होने के आरोप लगे हैं, जबकि केवल कुछ हज़ारों रुपये सालाना फीस वाले एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सीटें खाली रह गईं।

आरोप है निजी मेडिकल कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए होनहार और किसान परिवार के विद्यार्थियों के साथ बड़ा धोखा किया गया है।

डॉ. विवेक माचरा का कहना है कि स्टेट कोटे की 386 और मैनेजमेंट कोटे की 213 सीटों पर करोडों रुपयों का घोटाला हुआ है।

सरकारी फ़ीस की सीटें खाली रखकर प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाया और पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ धोखा किया गया है, जो सहन नहीं किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में लाखों रुपए सालाना फीस है, लेकिन डोनेशन के नाम पर कुछ बड़े मेडिकल कॉलेजों में करोड़ों रुपए भी इसका भी खेल होता है।